जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा पर 8 अगस्त को SC में सुनवाई, फारूक अब्दुल्ला किस पर भड़के?
Farooq Abdullah News: फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट क्या करेगा ये वो नहीं जानते हैं. उन्होंने कहा कि इंतजार करना चाहिए और देखते हैं क्या होता है.

जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम और नेशनल कॉन्फ्रेंस के चीफ फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि स्टेटहुड का मुद्दा 8 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में आने वाला है. उसका इंतजार करना चाहिए और देखते हैं कि क्या होता है. अनंतनाग में बुधवार (6 अगस्त) को जब मीडिया ने सवाल किया कि आपको क्या उम्मीदें हैं तो उन्होंने कहा कि उम्मीदों का कोई कुछ कह नहीं सकता. सुप्रीम कोर्ट क्या करेगा मैं नहीं जानता. इसके साथ ही वो महबूबा मुफ्ती की पार्टी पीडीपी पर भड़क गए.
मैं कल कांग्रेस की बुलाई बैठक में जा रहा हूं- फारूक
जब उनसे सीएम उमर अब्दुल्ला की चिट्ठी को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, "मैं कल खुद जा रहा हूं (दिल्ली). कांग्रेस ने सभी विपक्षी नेताओं को बुलाया है. मैं उस मीटिंग में इस बात को रखूंगा. उम्मीद है वो पहले भी हमारे साथ खड़े हैं और आगे भी खड़े रहेंगे." गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला ने विपक्षी दलों को चिट्ठी लिखकर संसद में राज्य के दर्जे का मुद्दा उठाने की अपील की है.
पीडीपी ने बीजेपी के साथ हाथ मिलाया था- फारूक
पीडीपी कह रही है कि नेशनल कॉन्फ्रेंस अपने एजेंडा से हट गई है, इस पर फारूक अब्दुल्ला ने कहा, "अगर पीडीपी ने ये मुसीबत नहीं लाई होती तो ये मुसीबत नहीं होती. इन्होंने ही तो बीजेपी के साथ हाथ मिलाया था. वो हमें क्या बोलेंगे?"
#WATCH | Anantnag, J&K | National Conference President Farooq Abdullah says, "The Supreme Court will hear the petition to restore the statehood of Jammu and Kashmir on August 8. Let's see what happens... Tomorrow, in the meeting of opposition leaders, I will put forward my views… pic.twitter.com/sfgF9m7Ick
— ANI (@ANI) August 6, 2025
वो लोगों को बेवकूफ बना रहे हैं- फारूक
पीडीपी पर निशाना साधते हुए उन्होंने आगे कहा, "अफसोस तो मुझे इस बात का आता है कि वो लोगों को बेवकूफ बना रहे हैं. 370 कभी जाता नहीं, अगर उस समय मुफ्ती साहब मान जाते. नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस गई थी कि हमारे साथ मिलकर हुकूमत चलाइए. किसने बीजेपी को लाया, वो जिम्मेवार हैं और आज हमको कहते हैं."
बता दें कि जम्मू-कश्मीर से राज्य का दर्जा हटने के छह साल पूरे हो चुके हैं. 5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 को हटा दिया गया और जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश में बदल दिया गया था. अब राज्य का दर्जा देने की मांग तेज हो गई है. बीजेपी का कहना है कि सही समय पर राज्य का दर्जा मिल जाएगा.
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Source: IOCL























