जम्मू-कश्मीर के LG मनोज सिन्हा के कार्यकाल के 5 साल पूरे, हटाए जाने के सवाल पर सरकार ने साफ किया रुख
LG Manoj Sinha Tenure: जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद मनोज सिन्हा को जम्मू-कश्मीर का उप-राज्यपाल बनाया गया था. आज उन्होंने अपने कार्यकाल के पांच साल पूरे कर लिए.

जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल (LG) मनोज सिन्हा के कार्यकाल को लेकर चल रही अटकलों के बीच गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भारत के संविधान में जम्मू-कश्मीर सहित केंद्र शासित प्रदेशों के उप-राज्यपालों के लिए कोई निश्चित कार्यकाल निर्धारित नहीं है.
मनोज सिन्हा ने बुधवार (6 अगस्त) को अपने कार्यकाल के पांच वर्ष पूरे कर लिए. ऐसे में अटकलें लगाई जा रही थीं कि पांच साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद उन्हें पदमुक्त किया जा सकता है.
संविधान में कार्यकाल को लेकर क्या है प्रावधान?
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, संविधान का अनुच्छेद 156 राज्यों के राज्यपालों के लिए पांच वर्ष का कार्यकाल निर्धारित करता है, साथ ही यह भी उल्लेख करता है कि वे "राष्ट्रपति की इच्छा पर्यन्त" पद धारण करते हैं.
वहीं केंद्र शासित प्रदेशों को नियंत्रित करने वाला अनुच्छेद 239, उप-राज्यपालों के कार्यकाल के बारे में कुछ नहीं कहता है, जिससे उन्हें बिना किसी समय-सीमा के राष्ट्रपति के विवेक पर पद पर बने रहने की अनुमति मिलती है.
जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम में क्या है प्रावधान?
सूत्रों ने आगे बताया कि जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 भी उप-राज्यपाल के लिए कोई कार्यकाल निर्धारित नहीं करता है. इसमें कहा गया है कि पूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर राज्य के राज्यपाल, "राष्ट्रपति द्वारा निर्धारित अवधि तक" जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दोनों के उप-राज्यपाल के रूप में कार्य करेंगे. 6 अगस्त, 2020 को मनोज सिन्हा की नियुक्ति की घोषणा करने वाली आधिकारिक विज्ञप्ति में भी उनके कार्यकाल के बारे में कुछ नहीं कहा गया था.
पुनर्गठन अधिनियम की धारा 53 के तहत, जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल के पास पर्याप्त अधिकार हैं, जिसमें विधानसभा के विधायी क्षेत्राधिकार से परे मामलों पर स्वतंत्र कार्रवाई भी शामिल है.
इन शक्तियों में अखिल भारतीय सेवाओं और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की निगरानी शामिल है और उप-राज्यपाल के कई फैसले कानूनी रूप से आसान न्यायिक समीक्षा से सुरक्षित हैं.
7 अगस्त, 2020 को मनोज सिन्हा ने पदभार किया था ग्रहण
7 अगस्त, 2020 को पदभार ग्रहण करने वाले मनोज सिन्हा, जम्मू-कश्मीर में उप-राज्यपाल पद पर नियुक्त होने वाले पहले राजनीतिक व्यक्ति हैं. मनोज सिन्हा तीन बार सांसद रहे. वो मोदी सरकार में पहले रेल राज्य मंत्री और बाद में संचार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) भी रहे.
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Source: IOCL























