बाबा बर्फानी के भक्तों ने खुलकर किए दान, कोविड प्रतिबंध हटने के बाद 100 गुना इजाफा
Amarnath Temple Donations News: श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड से दान को लेकर जानकारी जम्मू के एक्टिविस्ट रमन कुमार शर्मा की ओर से RTI के तहत मांगी गई थी. 2025-26 में 9.75 करोड़ रुपये का नकद दान मिला.

दक्षिण कश्मीर हिमालय में 3,880 मीटर ऊंचे अमरनाथ गुफा मंदिर में भक्तों ने दिल खोलकर दान किया. कोविड महामारी के कारण लगे प्रतिबंधों के बाद वार्षिक तीर्थयात्रा फिर से शुरू होने के बाद से तीर्थयात्रियों की ओर से दिए जाने वाले दान में 100 गुना इजाफा देखा गया है. साल 2025-26 में 9.75 करोड़ रुपये का चढ़ावा आया. वहीं 2020-21 में यह राशि महज 9.23 लाख रुपये थी.
जम्मू स्थित कार्यकर्ता रमन कुमार शर्मा द्वारा पूछे गए सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत पूछे गए प्रश्न के उत्तर में श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) द्वारा जारी आंकड़ों से पता चला है कि नकद दान और चढ़ावा 2020-21 में सिर्फ 9.23 लाख रुपये से बढ़कर 2025-26 में 9.75 करोड़ रुपये हो गया.
अमरनाथ यात्रा में इस साल आए 4.1 लाख श्रद्धालु
दान 2024-25 में 11.58 करोड़ रुपये से अधिक के शिखर पर पहुंच गया, जो 2023-24 में 11.15 करोड़ रुपये से थोड़ा अधिक है. 2020 और 2021 में कोविड-19 के कारण लगाए गए प्रतिबंधों के हटने के बाद, 2022 में देश भर से 3 लाख से ज़्यादा श्रद्धालुओं ने इस यात्रा में हिस्सा लिया, इसके बाद 2023 में लगभग 4.5 लाख, 2024 में 5.1 लाख और इस साल 4.1 लाख श्रद्धालु आए.
निर्धारित वक्त से पहले रद्द हुई थी अमरनाथ यात्रा
3 जुलाई को शुरू होने वाली 2025 की यात्रा, बारिश से क्षतिग्रस्त मार्गों के रखरखाव की आवश्यकता के कारण निर्धारित समाप्ति से एक सप्ताह पहले ही रद्द कर दी गई थी. इस मंदिर की यात्रा, जहां प्राकृतिक रूप से निर्मित बर्फ से बने शिवलिंग स्थित हैं, आमतौर पर जुलाई-अगस्त में अनंतनाग जिले में पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे पहलगाम मार्ग और गंदेरबल जिले में 14 किलोमीटर लंबे छोटे लेकिन अधिक ढलान वाले बालटाल मार्ग से होती है.
2025-26 में 9.75 करोड़ रुपये नकद दान
एसएएसबी के मुख्य लेखा अधिकारी के अनुसार, 2020-21 में पवित्र तीर्थस्थल पर 9.23 लाख रुपये, 2021-22 में 12.29 लाख रुपये, 2022-23 में 9.14 करोड़ रुपये, 2023-24 में 11.16 करोड़ रुपये, 2024-25 में 11.59 करोड़ रुपये और 2025-26 में 9.75 करोड़ रुपये नकद दान और चढ़ावे के रूप में प्राप्त हुए.
अमरनाथ मंदिर में कब कितना मिला दान?
यह डेटा पारंपरिक नकद चढ़ावे की ओर वापसी को भी दर्शाता है, जबकि ऑनलाइन दान, जिसमें महामारी के दौरान अस्थायी रूप से वृद्धि देखी गई थी, पिछले वर्ष की तुलना में तेजी से गिरा है. 2020-21 में ऑनलाइन माध्यम से दान और चढ़ावे के रूप में 77.09 लाख रुपये, 2021-22 में 1.46 करोड़ रुपये, 2022-23 में 2.39 करोड़ रुपये, 2023-24 में 1.55 करोड़ रुपये, 2024-25 में 1.89 करोड़ रुपये और 2025-26 में 80.64 लाख रुपये प्राप्त हुए.
तीर्थयात्रियों से प्राप्त रजिस्ट्रेशन शुल्क भी कई गुना बढ़कर 2020-21 और 2021-22 में 0.12 लाख रुपये से बढ़कर 2022-23 में 4 करोड़ रुपये, 2023-24 में 5.56 करोड़ रुपये, 2024-25 में 5.35 करोड़ रुपये और 2025-26 में 7.71 करोड़ रुपये हो गया. अधिकारियों ने इस इजाफे का श्रेय कोविड-19 प्रतिबंधों के दो साल बाद तीर्थयात्रा की पूर्ण पैमाने पर बहाली, बेहतर बुनियादी ढांचे और रजिस्टर्ड तीर्थयात्रियों की बढ़ती संख्या को दिया है.
सोने, चांदी और अन्य कीमती पत्थरों के बारे में डिटेल्स नहीं
हालांकि तीर्थस्थल बोर्ड ने नकद दान, ऑनलाइन चढ़ावे और तीर्थयात्रियों के पंजीकरण शुल्क के विस्तृत आँकड़े उपलब्ध कराए हैं, लेकिन उसने प्राप्त आभूषणों, सोने, चांदी और अन्य कीमती पत्थरों का विवरण नहीं दिया है. इन उच्च-मूल्य वाले दानों के बारे में पूछे गए प्रश्नों के उत्तर में, बोर्ड ने केवल 'उपलब्ध नहीं' कहा.
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