हिमाचल प्रदेश में डोली धरती, भूकंप के झटकों से हिला किन्नौर, जानें कितनी थी तीव्रता
Kinnaur Earthquake: 5 फरवरी को हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में 3.2 तीव्रता का भूकंप आया. सुबह 4 बजे आए झटकों से लोग घरों से बाहर निकल गए, लेकिन किसी नुकसान की खबर नहीं है.

हिमाचल प्रदेश में गुरुवार, 5 फरवरी को किन्नौर जिले में भूकंप के झटके महसूस किए गए. रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.2 मापी गई. अलसुबह करीब 4.00 बजे नींद के बीच महसूस किए गए झटकों से लोग चौंक गए और घरों से बाहर आ गए.
गनीमत की बात यह रही कि भूकंप से किसी नुकसान की कोई खबर नहीं है. भूकंप का केंद्र किन्नौर क्षेत्र में 31.58° उत्तरी अक्षांश और 78.42° पूर्वी देशांतर पर स्थित था. भूकंप 5 किलोमीटर की गहराई में दर्ज किया गया. झटके सुबह 3:59:52 बजे महसूस किए गए थे.
इससे पहले कश्मीर में आया था भूकंप
इससे पहले 2 फरवरी को जम्मू कश्मीर के बारामूला में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे. यहां झटकों की तीव्रता 4 से अधिक थी. हालांकि, राहत की बात थी कि कोई भारी नुकसान नहीं हुआ क्योंकि भूकंप वादी क्षेत्र में आया था.
भूकंप के लिहाज से संवेदनशील हिमाचल
हिमाचल प्रदेश भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील राज्य माना जाता है. यह सीस्मिक जोन-5 के अंतर्गत आता है, जहां भूकंप आने से डैमेज ज्यादा होने की आशंका रहती है. यहां के संवेदनशील जिलों में चंबा, कांगड़ा, मंडी, कुल्ली, हमीरपुर और बिलासपुर आते हैं.
बता दें सीस्मिक जोन-5 का मतलब होता है कि इलाके में 7 या उससे ज्यादा की तीव्रता के झटके आ सकते हैं. महाराष्ट्र के 32 फीसदी से ज्यादा क्षेत्र में बहुत अधिक सक्रिय फॉल्ट्स हैं.
1905 में आया था सबसे विनाशकारी भूकंप
साल 1905 का कांगड़ा भूकंप राज्य में आया सबसे विनाशकारी भूकंप था, जिसमें 18,000 से ज्यादा लोग मारे गए थे. इस भूकंप की तीव्रता 7.8 से लेकर 8.0 थी. इसके अलावा, 1975 में किन्नौर (6.7 तीव्रता) और 1986 में धर्मशाला (5.7 तीव्रता) में भी भूकंप आ चुके हैं.
हिमाचल में 8.8 तीव्रता तक के भूकंप का खतरा
हिमाचल प्रदेश में 8.8 तीव्रता तक के भूकंप का खतरा रहता है. दरअसल, हिमालय हर साल 5-8 मिलीमीटर ऊपर उठ रहा है. इससे मुख्य हिमालयन थ्रस्ट के साथ दबाव बढ़ रहा है.
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Source: IOCL



























