महाकुंभ वाले IIT बाबा अभय सिंह ने की शादी, पत्नी प्रतीका के बारे में जानिए
IIT Baba Abhay Singh News: आईआईटी बाबा अभय सिंह ने बताया कि वह और उनकी पत्नी प्रतीका अपनी नई जिंदगी से बेहद खुश हैं और फिलहाल सादगीपूर्ण जीवन जी रहे हैं.

प्रयागराज महाकुंभ में अपने अलग अंदाज और आध्यात्मिक व्यक्तित्व के कारण देशभर में चर्चा में आए IITian बाबा अभय सिंह एक बार फिर सुर्खियों में हैं. इस बार वजह उनकी शादी है. लंबे समय बाद सोमवार (06 अप्रैल) को अभय सिंह हरियाणा के झज्जर में अपनी पत्नी के साथ दिखाई दिए. उन्होंने खुलासा किया कि दोनों ने 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के अवसर पर हिमाचल प्रदेश के अघंजर महादेव मंदिर में शादी की थी. इसके बाद 19 फरवरी को कोर्ट मैरिज भी की.
अभय सिंह ने बातचीत में बताया कि वह और उनकी पत्नी अपनी नई जिंदगी से बेहद खुश हैं और फिलहाल सादगीपूर्ण जीवन जी रहे हैं. उन्होंने कहा, ''मेरी पत्नी प्रतीका, मूल रूप से कर्नाटक की रहने वाली हैं और वह भी इंजीनियर हैं. शादी के बाद दोनों फिलहाल हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में रह रहे हैं.''
झज्जर में अपने परिवार से मिले IIT बाबा अभय सिंह
सोमवार को वे झज्जर में अपने परिवार और माता-पिता से मिलने पहुंचे थे. अभय सिंह भगवा वस्त्रों में अपने पिता के चैंबर में पहुंचे, जहां उन्होंने पुरानी यादों को शेयर किया. उन्होंने बताया कि आध्यात्मिकता की ओर रुझान होने से पहले वह अक्सर अपने पिता के चैंबर में बैठकर कानूनी एप्लीकेशन और केस स्टडी देखा करते थे. उन्होंने कहा कि जिंदगी के अर्थ की तलाश ने उन्हें विज्ञान और तकनीक की दुनिया से आध्यात्म की ओर मोड़ दिया.
अभय बेहद सरल, ईमानदार और सच्चे इंसान- प्रतीका
उनकी पत्नी प्रतीका ने कहा, ''अभय बेहद सरल, ईमानदार और सच्चे इंसान हैं.'' उन्होंने बताया कि दोनों की मुलाकात करीब एक साल पहले हुई थी. प्रतीका ने कहा कि अब दोनों मिलकर सनातन और अध्यात्म को आगे बढ़ाने का काम करेंगे. भविष्य में एक 'सनातन यूनिवर्सिटी' बनाने की भी योजना साझा की, जहां गुरु, साधक और अध्यात्म से जुड़े लोग एक मंच पर आ सकें.
IITian बाबा अभय सिंह मूल रूप से झज्जर के निवासी
अभय सिंह मूल रूप से झज्जर के सासरौली गांव के रहने वाले हैं. उनके पिता कर्ण सिंह पेशे से वकील हैं और झज्जर बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान रह चुके हैं. अभय ने IIT बॉम्बे से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और बाद में कनाडा में एक एयरोस्पेस कंपनी में नौकरी भी की. बताया जाता है कि वह वहां करीब 3 लाख रुपये मासिक वेतन पर कार्यरत थे, लेकिन बाद में उन्होंने सब कुछ छोड़कर आध्यात्मिक मार्ग चुन लिया.
महाकुंभ 2025 में IITian बाबा अभय सिंह हुए थे वायरल
महाकुंभ 2025 में साधु वेश में दिखाई देने के बाद अभय सिंह सोशल मीडिया और न्यूज चैनलों पर तेजी से वायरल हुए थे. उनकी कहानी एक सफल इंजीनियर से आध्यात्मिक साधक बनने तक देश और विदेश में चर्चा का विषय बनी रही.
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