हिमाचल में लगे 'कंगना गो बैक' के नारे, दिखाए गए काले झंडे, कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन
Kangana Ranaut: सुंदरनगर में कंगना रनौत के दौरे पर यूथ कांग्रेस और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन हुआ. पुलिस ने स्थिति पर काबू पाया और काफिले का मार्ग बदल दिया.

मंडी के सुंदरनगर में आज (23 सितंबर) मंडी संसदीय क्षेत्र की सांसद कंगना रनौत के दौरे के दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया. सांसद के कार्यक्रम के दौरान यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने उनके खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने पुराना बस स्टैंड के समीप हाथों में काले झंडे लहराए और 'कंगना गो बैक' तथा 'कंगना रनौत भाग गई' जैसे नारे लगाकर विरोध जताया.
यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष निखिल ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में कार्यकर्ता कंगना रनौत का इंतजार कर रहे थे. लेकिन सुरक्षा कारणों और संभावित स्थिति बिगड़ने की आशंका के चलते पुलिस और बीजेपी पदाधिकारियों ने कंगना के काफिले का मार्ग बदल दिया. उन्हें प्रस्तावित समापन स्थल पुराना बस स्टैंड से पहले ही अन्य मार्ग से भेजा गया.
'कंगना भाग गई' के कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लगाए नारे
कंगना रनौत के काफिले का मार्ग बदलने के बाद यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता भड़क गए और उन्होंने जोर-जोर से 'कंगना भाग गई' के नारे लगाए. वहीं बीजेपी के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंचे और कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे. इससे सड़क के दोनों ओर बीजेपी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई. पुलिस ने कड़ी मशक्कत कर हालातों को नियंत्रण में किया.
कुल्लू जिला में भी 'गो बैक' के लगे थे नारे
बता दें कि यह पहला अवसर नहीं था जब कंगना रनौत के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध किया. इससे पूर्व भी उनका कुल्लू जिला दौरा हुआ था, जिसमें कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने 'गो बैक' के नारे लगाकर विरोध जताया था.
विकास कार्यों में नहीं की कोई ठोस पहल- यूथ कांग्रेस
युंका अध्यक्ष निखिल ठाकुर ने आरोप लगाया कि कंगना रनौत ने चुनाव जीतने के बाद जनता की उम्मीदों को पूरा नहीं किया और विकास कार्यों में कोई ठोस पहल नहीं की. उन्होंने कहा कि उनके विवादित बयान प्रदेश और देश के माहौल को खराब कर रहे हैं. निखिल ठाकुर ने केंद्र सरकार पर भी हमला बोलते हुए कहा कि आज बीजेपी बचत उत्सव मना रही है, लेकिन पहले जीएसटी के नाम पर दुकानदारों को लूटने का सिलसिला चला. उन्होंने कांग्रेस और राहुल गांधी पर भी आरोप लगाया कि उन्होंने पहले ही जीएसटी दरों को गलत ठहराया था, लेकिन भाजपा सरकार ने इन सुझावों को समय रहते नहीं माना.


















