अब और पास कैलाश मानसरोवर! Shipki-La से खुलेगा नया द्वार, सुक्खू सरकार से क्या है मांग?
Shimla News: CM सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिपकी-ला दर्रे से कैलाश मानसरोवर यात्रा शुरू करने का प्रस्ताव केंद्र के समक्ष रखने की बात कही है. यह मार्ग श्रद्धालुओं के लिए नया और आसान रास्ता बन सकता है.

Shimla News: हिमाचल प्रदेश के तीर्थ और पर्यटन प्रेमियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू (Sukhvinder Singh Sukhu) ने संकेत दिए हैं कि किन्नौर जिले के शिपकी-ला दर्रे (Shipki-La Pass) के जरिए कैलाश मानसरोवर यात्रा (Kailash Mansarovar Yatra) शुरू करने का मुद्दा अब केंद्र सरकार के समक्ष गंभीरता से उठाया जाएगा. उन्होंने जानकारी दी की अगर यह प्रस्ताव स्वीकार होता है, तो कैलाश यात्रा के लिए एक नया, सुलभ और भावनात्मक रूप से जुड़ा रास्ता खुल सकता है.
शनिवार (19 अप्रैल) को मुख्यमंत्री सुक्खू की मुलाकात मध्य कमान, लखनऊ के जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता से हुई. न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार इस मुलाकात के दौरान उन्होंने कहा कि वर्तमान में सैन्य और अर्धसैनिक बलों की इनर-लाइन चौकियों के कारण जो परमिट संबंधी बाधाएं हैं, उन्हें हटाने के लिए भी केंद्र से अनुरोध किया जाएगा.
LAC तक पर्यटन बढ़ाने का है लक्ष्य- सुक्खू
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से LAC (Line of Actual Control) तक पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए सेना और अर्धसैनिक बलों (Paramilitary Forces) के साथ सहयोग की बात कही. उन्होंने सुझाव दिया कि यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए यात्रा प्रक्रियाएं आसान और सुविधाजनक बनाई जानी चाहिए.
शिपकी-ला के जरिए यात्रा सरल बनाने का प्रयास
कैलाश मानसरोवर यात्रा का हिंदू, बौद्ध और जैन धर्म में अत्यंत धार्मिक महत्व है. हर साल हजारों श्रद्धालु इस कठिन लेकिन आध्यात्मिक यात्रा पर निकलते हैं. शिपकी-ला के माध्यम से यह मार्ग और सहज हो सकता है, विशेषकर हिमाचल और उत्तर भारत के श्रद्धालुओं के लिए.
सुक्खू ने यह भी कहा कि राज्य सरकार, केंद्र से हिमाचल स्काउट्स बटालियन की स्थापना की मांग करेगी, जैसा कि सिक्किम, लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश में किया गया है. इस बटालियन में सीमावर्ती क्षेत्रों (Border Areas) के स्थानीय युवाओं के लिए विशेष कोटा तय करने का भी प्रस्ताव रखा जाएगा.
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Source: IOCL






















