हिमाचल में भारी बारिश का कहर, मणिमहेश यात्रा में हजारों फंसे, चंबा में 11 की मौत
Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश के चंबा-भरमौर में भारी बारिश और भूस्खलन से मणिमहेश यात्रा प्रभावित हो गई है. 11 लोगों की मौत, 3,000 लौट आए और 7,000 तीर्थ यात्री अभी भी फंसे हैं.

हिमाचल प्रदेश में चम्बा सहित भरमौर में भारी बारिश ने खूब तबाही मचाई है. भरमौर शेष दुनिया से पूरी तरह से कट चुका है. कई मीटर सड़कें जगह-जगह से टूट गई हैं. दूरसंचार सेवाएं भी कई हिस्सों में बहाल नहीं हो पा रही हैं. मणिमहेश में हजारों यात्री फंसे हुए हैं.
पिछले चार-पांच दिनों से भूस्खलन और लगातार मूसलाधार बारिश होने के कारण जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. लोग अपनी गाड़ियां छोड़कर पैदल ही निकल पड़े हैं. जिला चंबा के भरमौर में प्रसिद्ध मणिमहेश यात्रा चली हुई है.
चंबा में अब तक 11 लोगों की मौत
पिछले चार दिनों से मोबाइल नेटवर्क बंद था, जिससे यात्रा में गए यात्रियों का संपर्क उनके परिवार के लोगों के साथ नहीं हो रहा था और वे चिंतित थे. भरमौर में भी मणिमहेश यात्रा में गए लोग भूस्खलन और मार्ग बाधित होने के कारण जगह-जगह फंस गए हैं. चंबा में अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है. यात्रा पर रोक लगा दी गई है.
मणिमहेश से 3,000 लोग वापस लौट आए हैं, जबकि 7,000 तीर्थ यात्री अभी भी फंसे हुए हैं. श्रद्धालुओं की जानकारी के लिए प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं. यह यात्रा हर साल जन्माष्टमी से राधाष्टमी तक आयोजित की जाती है. इस साल, जन्माष्टमी 16 अगस्त को है और राधाष्टमी 31 अगस्त को होगी.
भारी बारिश से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त
बता दें, हिमाचल प्रदेश में हुई भारी बारिश से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है. राज्यभर में दो राष्ट्रीय राजमार्गों सहित 795 सड़कें बंद हो चुकी हैं और पांच जिलों में सभी शैक्षणिक संस्थान बंद करने का आदेश दिया गया है. लगातार बारिश के कारण ब्यास नदी का जलस्तर बढ़ रहा है.
IMD ने चंबा, कांगड़ा और मंडी के लिए दो दिनों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है. भूस्खलन के कारण कई स्थानों पर घरों में पानी घुस गया. चंबा जिले में पांच घर ढह गए हैं.
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Source: IOCL






















