LPG संकट के बीच BJP MP कंगना रनौत का बयान- भरोसा रखें, PM मोदी कोविड के समय की तरह रक्षा करेंगे
LPG Crisis: ईरान, अमेरिका और इजरायल के युद्ध के चलते देश में पैदा हुई एलपीजी की किल्लत पर भारतीय जनता पार्टी की सांसद कंगना रनौत ने अहम प्रतिक्रिया दी है.

ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध के चलते देश में एलपीजी के बढ़ते संकट के बीच भारतीय जनता पार्टी की सांसद कंगना रनौत ने लोगों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भरोसा रखने को कहा है. उन्होंने कोरोना संक्रमण काल की याद दिलाते हुए कहा कि जिस तरह उस समय पीएम ने सबकी रक्षा की, उसी तरह अब भी करेंगे.
बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने कहा, "पूरा विश्व देख रहा है कि हर जगह महंगाई बढ़ रही है, चीजों की किल्लत हो रही है. हमारे देश में हर दिन नई योजना आ रही है. हम चुनाव की तैयारी कर रहे हैं. LPG के लिए भी पूरा आश्वासन दिया गया है. मैं लोगों से कहूंगी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में पूरा विश्वास रखें. कोविड के समय भी जिस प्रकार उन्होंने पूरे विश्व का नेतृत्व किया था अभी भी वैसा ही होगा."
राहुल गांधी ने लगाए गंभीर आरोप
उधर, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी देश में एलपीजी (LPG) और पेट्रोल-डीजल की जो स्थिति अभी दिखाई दे रही है, वह केवल शुरुआत भर है. इस मुद्दे पर वक्ता सदन में बोलना चाहते थे, लेकिन नई संसदीय प्रक्रिया के कारण पहले मंत्री बोलेंगे, फिर उन्हें बोलने का मौका मिलेगा और उसके बाद मंत्री जवाब देंगे. उनका कहना है कि आने वाले समय में गैस और पेट्रोल दोनों बड़ी समस्या बन सकते हैं, क्योंकि भारत की ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) पर असर पड़ चुका है.
उन्होंने सरकार को आगाह करते हुए कहा कि अभी भी तैयारी करने का समय है और प्रधानमंत्री व केंद्र सरकार को तुरंत इस चुनौती से निपटने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए. अगर समय रहते तैयारी नहीं की गई तो इसका नुकसान करोड़ों लोगों को झेलना पड़ सकता है. उनका कहना है कि यह मुद्दा केवल इस बात तक सीमित नहीं है कि ईरान भारत को ईंधन देगा या नहीं, बल्कि इससे कहीं बड़ा संकट सामने है. दुनिया का वैश्विक ढांचा तेजी से बदल रहा है और अंतरराष्ट्रीय हालात अस्थिर होते जा रहे हैं. ऐसे समय में सरकार को अपनी सोच और रणनीति बदलनी होगी, क्योंकि पुराने तरीके से काम करने से समस्या का समाधान नहीं होगा.
राहुल ने यह भी कहा कि सरकार को संभावित परिस्थितियों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और ऐसी योजना बनानी चाहिए जिससे आम लोगों को कठिनाइयों का सामना न करना पड़े. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई राजनीतिक बयान नहीं है, बल्कि आने वाले संभावित संकट को लेकर चेतावनी है. उनका मानना है कि अगर ईरान से जुड़ा विवाद भी सुलझ जाता है, तब भी समस्या पूरी तरह खत्म नहीं होगी, क्योंकि वैश्विक व्यवस्था बदल रही है और ऊर्जा आपूर्ति की संरचना भी बदल रही है. इसलिए भारत को अपने हितों को केंद्र में रखकर नई सोच और नई रणनीति अपनानी होगी.
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Source: IOCL
























