Watch: कसौली से तारा देवी तक धधके जंगल, एयरफोर्स स्टेशन के पास पहुंची आग, हेलीकॉप्टर से बुझाई लपटें
Himachal Pradesh Fire: हिमाचल प्रदेश में औसतन 5 हजार से 10 हजार हेक्टेयर वन भूमि आग से प्रभावित होती है. इन घटनाओं में कीमती वन संपदा, पौधे, दुर्लभ जड़ी-बूटियां और वन्यजीवों को भारी नुकसान पहुंचता है.

हिमाचल प्रदेश में बढ़ती गर्मी और हीट वेव के अलर्ट के बीच हिमाचल के जंगलों में आग लगने की घटनाएं तेजी से बढ़ने लगी हैं. मंगलवार को पर्यटन नगरी कसौली के साथ लगते जंगलों में भड़की भीषण आग शाम होते-होते एयर फोर्स स्टेशन कसौली के नजदीक पहुंच गई. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सेना को मोर्चा संभालना पड़ा और हेलीकॉप्टर की मदद से आग बुझाने का अभियान चलाया गया.
जानकारी के अनुसार दोपहर बाद जंगेशू क्षेत्र की ओर से चीड़ की सूखी पत्तियों में आग भड़क उठी. भीषण गर्मी और तेज हवाओं के चलते आग ने देखते ही देखते बड़े जंगल क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया. सूखी चीड़ की पत्तियां बारूद की तरह साबित हुईं और आग तेजी से फैलती चली गई.
आग पर काबू पाने के लिए सेना के हेलीकॉप्टर ने चंडीगढ़ की सुखना झील से पानी भरकर प्रभावित क्षेत्रों में डंपिंग की. वहीं छावनी परिषद कसौली की फायर ब्रिगेड, एयर फोर्स स्टेशन की दमकल इकाई, कुठाड़ और परवाणू से पहुंची दमकल विभाग की गाड़ियों तथा सेना के जवानों ने घंटों मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया.
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शिमला के तारा देवी जंगल में भी आग भड़की
उधर राजधानी शिमला के तारा देवी जंगल में भी आग भड़कने से शहर धुएं की चादर में घिर गया. शहर के कई हिस्सों में धुएं का गुबार दिखाई दिया. जिन स्थानों तक सड़क मार्ग की पहुंच थी, वहां दमकल और वन विभाग की टीमों ने आग पर काबू पा लिया, जबकि दुर्गम क्षेत्रों में अभी भी निगरानी जारी है.
प्रदेश में हर साल जंगल की आग बड़ी चिंता बन रही है. हिमाचल प्रदेश में औसतन 5 हजार से 10 हजार हेक्टेयर वन भूमि आग से प्रभावित होती है. इन घटनाओं में कीमती वन संपदा, पौधे, दुर्लभ जड़ी-बूटियां और वन्यजीवों को भारी नुकसान पहुंचता है. वन विभाग के आंकलन के अनुसार हर वर्ष जंगल की आग से प्रदेश को 3 करोड़ से 5 करोड़ रुपये से अधिक का सीधा नुकसान होता है.
हालांकि इस बार समय-समय पर हुई बारिश के कारण आग की घटनाएं अपेाकृत कम रही हैं, लेकिन इसके बावजूद अब तक प्रदेश में जंगल की आग के 200 के करीब आग के मामले दर्ज किए जा चुके हैं.
जंगलों में आग के मामले
वर्ष 2026-27 : 200 मामले
वर्ष 2025-26 : 276 मामले
वर्ष 2024-25 : 2433 मामले
वर्ष 2023-24 : 110 मामले
वर्ष 2022-23 : 758 मामले
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वन विभाग ने लोगों से जंगलों के आसपास आग न जलाने, सिगरेट और जलती वस्तुएं खुले में न फेंकने तथा किसी भी आगजनी की सूचना तुरंत प्रशासन को देने की अपील की है.
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Source: IOCL

























