पानीपत: अरविंद केजरीवाल के बरी होने पर AAP कार्यकर्ताओं का जश्न, अहलावत बोले- 'झूठा नैरेटिव गढ़कर...'
Panipat News: 'आप' के प्रवक्ता सुरेंद्र अहलावत ने कहा कि कोर्ट का निर्णय राजनीतिक बदले की मानसिकता पर करारा जवाब है. ये सिद्ध हो गया कि आरोपों की राजनीति ज्यादा समय तक नहीं चलती है.

दिल्ली आबकारी नीति से जुड़े मामले में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बरी होने पर आप कार्यकर्ताओं ने पानीपत ऑफिस में विजय उत्सव मनाया. AAP कार्यकर्ताओं ने लड्डू बांटकर खुशियां मनाई. इस दौरान नारे लगाए गए और ईमानदारी की जीत का संदेश भी दिया. पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष और प्रवक्ता सुरेंद्र अहलावत ने कहा कि महीनों तक झूठा नैरेटिव गढ़कर छवि धूमिल करने की कोशिश की गई, लेकिन अदालत के फैसले ने सच्चाई सामने ला दी.
राजनीतिक बदले की मानसिकता पर करारा जवाब- अहलावत
सुरेंद्र अहलावत ने आगे कहा, ''यह निर्णय राजनीतिक बदले की मानसिकता पर करारा जवाब है. आज सिद्ध हो गया कि आरोपों की राजनीति ज्यादा समय तक नहीं चलती. यह फैसला संघर्षरत कार्यकताओं के लिए प्रेरणा है. राजनीतिक द्वेष के माहौल में भी हमने संयम और दृढ़ता दिखाई. अब ऊर्जा के साथ अधिक मजबूती से संगठन विस्तार में पार्टी लगेगी.''
'AAP ने विचारधारा का साथ नहीं छोड़ा'
उन्होंने ये भी कहा कि यह जीत पार्टी के हर उस कार्यकर्ता की है, जिसने दुष्प्रचार के बावजूद विचारधारा का साथ नहीं छोड़ा. इस अवसर पर जिलाध्यक्ष जसबीर जस्सा, जिला सचिव योगेश कौशिक, प्रीतपाल खेड़ा, विकास अग्रवाल, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य राजन मुंडे, राजपाल एडवोकेट, संदीप और सचिन जांगड़ा की उपस्थित रहे.
राऊज एवेन्यू कोर्ट ने सभी 23 आरोपियों को किया बरी
बता दें कि दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार (27 फरवरी) को कथित शराब घोटाला से जुड़े सीबीआई केस में AAP के दोनों शीर्ष नेताओं अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया समेत सभी 23 आरोपियों को बरी कर दिया. शुक्रवार को अदालत में सुनवाई के दौरान अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया पेश हुए. के कविता, अमनदीप ढल और कई अन्य आरोपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए.
कोर्ट ने जांच में कमियों के लिए सीबीआई को कड़े शब्दों में फटकार लगाई और कहा कि आबकारी नीति में कोई बड़ी साजिश या क्रिमिनल इरादा नहीं था. कोर्ट ने सीबीआई की चार्जसीट पर सवाल उठाए और कहा कि इसमें कई कमियां हैं, जिनका किसी गवाह या बयान से कोई सबूत नहीं है.
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