हरियाणा को मिला नया गवर्नर, जानें कौन हैं आशिम कुमार घोष?
Haryana New Governor: प्रोफेसर आशिम कुमार घोष हरियाणा के राज्यपाल के तौर पर बंडारू दत्तात्रेय की जगह लेंगे. दत्तात्रेय चार साल से अधिक समय तक हरियाणा के राज्यपाल रहे.

प्रोफेसर आशिम कुमार घोष हरियाणा के नए राज्यपाल नियुक्त किए गए हैं. इस संबंध में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कार्यालय ने बयान जारी किया है. राष्ट्रपति ने बीजेपी के नेता कविंद्र गुप्ता को लद्दाख का उप-राज्यपाल नियुक्त किया है. वहीं अशोक गजपति राजू को गोवा के राज्यपाल बनाया गया है.
राष्ट्रपति मुर्मू ने केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के उप-राज्यपाल पद से ब्रिगेडियर (डॉ.) बीडी मिश्रा (सेवानिवृत्त) का इस्तीफा स्वीकार कर लिया.
घोष बंडारू दत्तात्रेय की जगह लेंगे. बंडारू दत्तात्रेय 7 जुलाई 2021 को हरियाणा के राज्यपाल बने थे.
बीजेपी सांसद ने दी बधाई
घोष के राज्यपाल बनने पर कुरुक्षेत्र से बीजेपी के सांसद नवीन जिंदल ने बधाई दी. उन्होंने कहा, ''हरियाणा के राज्यपाल के रूप में प्रो. आशिम कुमार घोष की नियुक्ति पर हार्दिक बधाई. अपनी विशिष्ट शैक्षणिक पृष्ठभूमि और प्रशासनिक अनुभव के साथ, मुझे विश्वास है कि वे हमारे राज्य के लोगों की समर्पित भाव से सेवा करेंगे. उन्हें कार्यभार ग्रहण करने पर शुभकामनाएं.''
Warm congratulations to Prof. Ashim Kumar Ghosh on his appointment as Governor of Haryana.
— Naveen Jindal (@MPNaveenJindal) July 14, 2025
With his distinguished academic background and administrative experience, I’m confident he will serve the people of our state with dedication.
Best wishes as he takes charge!
कौन हैं आशिम कुमार घोष?
आशिम कुमार घोष 2013 के हावड़ा लोकसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के उम्मीदवार रह चुके हैं. बंगाल बीजेपी के फेसबुक पेज पर दी गई जानकारी के मुताबिक, उनका जन्म 1944 में हुआ था. उन्होंने हावड़ा विवेकानंद इंस्टीट्यूशन से शुरुआती पढ़ाई की. इसके बाद उन्होंने कोलकाता के विद्यासागर कॉलेज से राजनीति शास्त्र में स्नातक और फिर कोलकाता विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में पोस्ट ग्रेजुएशन किया.
वे 1966 से 2004 तक करीब 38 साल तक राजनीति शास्त्र के प्रोफेसर रहे. 3 साल तक यूजीसी के टीचर्स फैलो भी रहे. उन्होंने 1991 में बीजेपी जॉइन की. वे राज्य बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ के सदस्य रहे. 1996 में वे बीजेपी के राज्य सचिव बने और 1998 में राज्य के उपाध्यक्ष. 1999 से 2002 तक वे भाजपा के राज्य अध्यक्ष रहे. 2003 से 2005 तक उन्होंने त्रिपुरा में पार्टी के पर्यवेक्षक की भूमिका निभाई. 2004 से 2006 तक वे बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य भी रहे.
Source: IOCL
























