अब सोनम वांगचुक का बड़ा बयान, '...वरना इस्तीफे का मतलब नहीं'
Sonam Wangchuk News: सोनम वांगचुक जब राजघाट पहुंचे तो मीडिया ने उनसे धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर सवाल किया. इस पर उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया दी.

सोनम वांगचुक ने शिक्षा मंत्री के पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से जुड़े सवाल पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि पूरी उम्मीद है कि सिस्टम में सुधार होगा, वरना इस्तीफे का कोई मतलब नहीं है. उन्होंने कहा कि इस्तीफा एक शुरुआत है. कबूल होने के बाद अगर इलाज हो तो हमारा देश एक बेहतर देश बनेगा. इसकी शुरुआत हो चुकी है.
परीक्षा संशोधन बिल को लेकर उन्होंने कहा, ''यह अच्छी बात है. इस पर चर्चा होनी चाहिए और अच्छी तरह सोच-विचार के बाद सही कदम उठाए जाने चाहिए." उन्होंने ये भी कहा कि जो लोग शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे हैं, उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होनी चाहिए.
#WATCH | Delhi | On Dharmendra Pradhan's resignation, Activist Sonam Wangchuk says, "...The resignation is just the beginning. If the issue is acknowledged and addressed from this point onward, our country will become a better place, a process that, in my view, is already… pic.twitter.com/d8UapS3xzi
— ANI (@ANI) July 27, 2026
एंटी पेपर लीक बिल लोकसभा में पेश
सोनम वांगचुक का बयान उस वक्त आया है जब केंद्र की मोदी सरकार ने प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई के विषय पर विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ कड़े प्रावधान वाला संशोधन विधेयक सोमवार (27 जुलाई) को लोकसभा में पेश किया. केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने सदन में विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया.
सोनम वांगचुक को अस्पताल से मिली छुट्टी
उधर, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को आज (27 जुलाई) को अस्पताल से छुट्टी मिल गई. वांगचुक 28 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक और परीक्षा सिस्टम में सुधार की मांग को लेकर अनशन पर बैठे थे. उन्होंने 26 दिन बाद 24 जुलाई को अपना अनशन खत्म किया था. एनडीए सरकार से लिखित आश्वासन मिलने के बाद एक्टिविस्ट ने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में अपना अनशन तोड़ा था.
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लोकतंत्र की जीत- सोनम वांगचुक
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लोकतंत्र की जीत करार दिया था. उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा था, ''यह लोकतंत्र की जीत है. यह शांति, धैर्य और दृढ़ता की जीत है. बधाई हो सीजेपी, देश की जेन जी और सभी नागरिकों का धन्यवाद कि उन्होंने डर और डर के डर को त्यागकर देश के हर कोने से आवाज उठाई.''
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में 36 दिनों तक चला आंदोलन शनिवार (25 जुलाई) को शिक्षा मंत्री के तौर पर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ समाप्त हुआ था. धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के अलावा देश के दूसरे हिस्सों में भी छात्र सड़कों पर उतर पड़े थे.
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