सोनम वांगचुक के अनशन तोड़ने पर कांग्रेस के पूर्व सांसद का बड़ा बयान, 'धोखा देकर...'
Rashid Alvi On Sonam Wangchuk CJP Protest: कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान खुद देख रहे हैं कि देश का क्या माहौल है, ऐसे में उन्हें खुद ही इस्तीफा दे देना चाहिए.

जलवायु कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक ने अपना अनशन तोड़ दिया है. वहीं जंतर-मंतर पर सीजेपी का प्रदर्शन अभी भी जारी है. अब इसे लेकर कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की. कांग्रेस नेता ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान खुद देख रहे हैं कि देश का क्या माहौल है, ऐसे में उन्हें खुद ही इस्तीफा दे देना चाहिए. उन्हें अपनी गरिमा और अपनी इज्जत को बचाना चाहिए.
सोनम वांगचुक के अनशन तोड़े जाने पर उन्होंने कहा, ''सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल के अंदर एक तरीके से जेल में रखा गया था. मैं खुद उनसे मिलने के लिए गया था. पुलिस ने मिलने नहीं दिया. जब मेदांता के अंदर गए तो उनकी पत्नी को भी ये शक रहा कि कोई गलत दवा न दे दी जाए. मुझे इसमें बड़ी साजिश नजर आती है कि धोखा देकर जबरदस्ती, डराकर और दबाव बनाकर उनका फास्ट तुड़वाया गया.''
धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा की कोई जानकारी नहीं- राशिद अल्वी
सीजेपी के प्रदर्शन पर राशिद अल्वी ने कहा, ''वो सारे बच्चे ज्यादातर स्टूडेंट्स हैं. इस देश के भविष्य हैं. उनका भविष्य इस बात पर निर्भर करता है कि सरकार की एजुकेशन पॉलिसी क्या है? शिक्षा मंत्री कितना सक्षम है. धर्मेंद्र प्रधान कोई बहुत पढ़े लिखे आदमी नहीं हैं. उनको शिक्षा की कोई जानकारी नहीं है.''
पीएम मोदी का बाहर बयान देना संसद की गरिमा के खिलाफ- अल्वी
पीएम मोदी के वीडियो पर मल्लिकार्जुन खड़गे की टिप्पणी को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा, ''मल्लिकार्जुन खड़गे ने जो भी कहा सही कहा है. जब पार्लियामेंट का सेशन चलना होता है तो कोई भी बयान सबसे पहले पार्लियामेंट में दिया जाता है. संसद को विश्वास में लिया जाता है. लेकिन पीएम मोदी संसद के सदस्यों को यह अहसास दिलाना चाहते हैं कि उनकी कोई इज्जत नहीं है. इसलिए वो पहले पार्लियामेंट के बाहर बयान देते हैं, वो पार्लियामेंट में जाते ही नहीं हैं. इससे पार्लियामेंट की गरिमा कम होती है. इससे देश का लोकतंत्र कमजोर होता है. प्रधानमंत्री ने इस बार भी बाहर बयान दिया है, जो पार्लियामेंट की गरिमा के खिलाफ है.
बीजेपी की ये सरकार जनता विरोधी- राशिद अल्वी
जब उनसे पूछा गया कि बीजेपी कह रही है कि ये विपक्ष की साजिश है, इस प्रोटेस्ट में स्टूडेंट्स नहीं हैं. इस सवाल पर कांग्रेस नेता ने कहा, ''जब सड़कों पर किसान बैठे थे तो बीजेपी की सरकार कहती थी कि ये किसान नहीं हैं, ये बाहर के लोग आ गए हैं. शाहिन बाग में जब मुसलमान बैठे थे तो ये कहते थे कि पाकिस्तानी बैठे हुए हैं. अब कह रहे हैं कि ये स्टूडेंट्स नहीं हैं, ये बीजेपी ने कौन सा चश्मा लगा रखा है, जिससे उन्हें कुछ नजर ही नहीं आता है. बीजेपी की ये सरकार जनता विरोधी सरकार है.
उन्होंने आगे कहा, ''मुझे लगता है कि इस रवैये से वो सबकुछ खो देंगे. उन्हें अहसास नहीं है कि श्रीलंका के अंदर क्या हुआ है? उन्हें अहसास नहीं है कि बांग्लादेश और नेपाल के अंदर क्या हुआ? वो युवाओं का ही प्रदर्शन था जिसने तख्ता पलट दिया.''
देश के अंदर लोकतंत्र खत्म होता जा रहा- राशि अल्वी
जंतर मंतर समेत देश के अन्य हिस्सों में हुए प्रदर्शन पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर उन्होंने कहा, ''जब किसी देश में तानाशाही आ जाती है तो वो पुलिस और फौज दोनों का इस्तेमाल करती है. पूरी दुनिया का इतिहास गवाह है कि पैरामिलिट्री फोर्स का इस्तेमाल तभी ही किया जाता है जब डेमोक्रेसी खत्म हो जाती है. जब सरकारें जनता का अपना दुश्मन समझ लेती हैं और बदले की भावना से फौज को उतार देती हैं. पैरामिलिट्री फोर्स के जरिए इन बच्चों पर जो ज्यादती कर रहे हैं, ये इस बात का सबूत है कि देश के अंदर लोकतंत्र खत्म होता जा रहा है.''
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