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ChatGPT Down, बार-बार काम करना बंद क्यों कर देती हैं ऑनलाइन सर्विसेस?

Why Internet Keeps Going Down: हाल ही में ChatGPT डाउन रहा था. इससे पहले यूट्यूब और दूसरे प्लेटफॉर्म्स के डाउन होने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं. लेकिन ऐसा होता क्यों है?

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  • मानवीय त्रुटियाँ और साइबर हमले भी इंटरनेट बाधित करते हैं।

Why Internet Keeps Going Down: हाल ही में OpenAI का एआई चैटबॉट ChatGPT डाउन हो गया था. इसका असर दुनियाभर के यूजर्स पर पड़ा था. प्रभावित यूजर्स का कहना था कि उनके डिवाइस पर ChatGPT ऐसा काम नहीं कर रही थी, जबकि कई यूजर्स ने Codex में इश्यू आने की बात कही. भारत में भी ChatGPT यूज करने वाले लोगों पर इसका असर पड़ा था. इंटरनेट आउटेज का यह पहला मामला नहीं है और न ही आखिरी होने वाला है. ChatGPT से पहले एक्स और यूट्यूब समेत कई सर्विसेस के डाउन होने के मामले भी सामने आ चुके हैं. एक पल कोई वेबसाइट काम कर रही होती है और अगले ही पल वह डाउन हो जाती है. आखिर ऐसा होता कैसे है और इसके पीछे क्या वजह है?

क्या कोई बड़ी घटना है इंटरनेट आउटेज?

आज पूरी दुनिया आपस में कनेक्टेड है और हर समय किसी ने किसी सर्विस को लाखों-करोड़ों लोग यूज कर रहे होते हैं. ऐसे में अगर जरा-सी भी रुकावट आ जाए तो यह एक बड़ी समस्या बन सकती है. मान लें कि आप टिकट बुक कर रहे हैं और रेलवे की वेबसाइट डाउन हो जाए. इससे आपकी मुश्किलें बढ़ जाएंगी. इसी तरह अगर आप कोई बिजनेस चला रहे हैं और सर्वर डाउन होने के कारण लोग आपकी सर्विसेस एक्सेस नहीं पाते तो यह काफी टेंशन वाली बात हो सकती है.


ChatGPT Down, बार-बार काम करना बंद क्यों कर देती हैं ऑनलाइन सर्विसेस?

सर्विसेस डाउन क्यों होती हैं?

इंटरनेट एक बहुत बड़ा नेटवर्क है और इसे किसी एक स्विच से कंट्रोल नहीं किया जा रहा. आपके फोन तक इंटरनेट पहुंचाने के लिए कई सारे नेटवर्क, सर्वर, केबल और सॉफ्टवेयर समेत कई चीजें काम कर रही होती हैं. जब इनमें से किसी भी चीज के साथ गड़बड़ होती है तो इंटरनेट आउटेज की समस्या आ सकती है. मोटे तौर पर इसके पीछे के कारण नीचे दिए गए हैं.

हार्डवेयर फेल्योर- हर डिजिटल सर्विस को फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत होती है. इसमें सर्वर, केबल, राउटर, पावर सप्लाई और कूलिंग सिस्टम आदि शामिल होता है. ये सारी चीजें बिना थमे बैकग्राउंड में काम कर रही होती हैं. इनमें अगर एक भी बंद हो जाए तो गड़बड़ हो सकती है. 2007 में एक शिप के एंकर ने मिस्र में कई अंडर-सी केबल्स को तोड़ दिया था. इससे मिडल-ईस्ट, भारत और यूरोप के कई हिस्सों में इंटरनेट की रफ्तार पर बड़ा असर पड़ा था.

सॉफ्टवेयर बग्स- फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर के अलावा अगर सॉफ्टवेयर में गड़बड़ हो जाए तो भी बड़ी दिक्कत हो सकती है. सॉफ्टवेयर में एक छोटा-सा बग बड़ा नुकसान कर सकता है. इस साल AWS में आउटेज के पीछे सॉफ्टवेयर बग जिम्मेदार था. कंपनी के ऑटोमेटेड DNS मैनेजमेंट में आई एक गडबड़ी ने हजारों प्लेटफॉर्म्स को थामकर छोड़ दिया था. बैंक, ऐप्स और गेमिंग प्लेटफॉर्म्स आदि सब चलने बंद हो गए थे. भले ही इंफ्रास्ट्रक्चर को कितना भी मॉडर्न और फुलप्रूफ बना लिया जाए, बग्स आने की संभावना से कभी इनकार नहीं किया जा सकता.


ChatGPT Down, बार-बार काम करना बंद क्यों कर देती हैं ऑनलाइन सर्विसेस?

इंसानी गलती- मशीन के अलावा इंसानी गलती भी इंटरनेट आउटेज का कारण बन सकती है. कई बार मिसटाइप कमांड, गलत कॉन्फिगरेशन और गलती से केबल को निकाल देने जैसी घटनाओं से पूरी ऑनलाइन दुनिया थम जाती है. 2017 में एक इंजीनियर के गलत कमांड देने से AWS S3 आउटेज हुआ था. इसका असर Slack, Medium, Coursera, Quora और Expedia जैसे प्लेटफॉर्म्स पर पड़ा और ये डाउन हो गए थे. इस आउटेज को फिक्स करने में तीन घंटे का समय लगा, जिससे कंपनियां को करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा.

साइबर अटैक- किसी भी सर्वर या डिजिटल सर्विस को मैनेज कर रही सिक्योरिटी टीम के लिए साइबर अटैक सबसे बड़ी चिंता होता है. साइबर अटैक से पूरा सिस्मट कॉलेप्स हो सकता है. किसी सर्वर को क्रैश करने के लिए फेक ट्रैफिक भेज देना या डिस्ट्रीब्यूटड डिनाइल ऑफ सर्विस (DDoS) अटैक का सहारा लेना काफी कॉमन है. इससे भी सर्वर डाउन होने जैसी घटनाएं हो सकती हैं. मोटे तौर पर किसी सर्वर के डाउन होने के पीछे यही चार कारण होते हैं.

ये भी पढ़ें- स्पेस में डेटा सेंटर बनाना चाह रहीं कंपनियां, ये हैं चिंताएं

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन से पढ़ाई पूरी करने के बाद पिछले एक दशक से मीडिया इंडस्ट्री में सक्रिय हूं. फिलहाल एबीपी न्यूज के साथ काम कर रहा हूं और यहां टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरों, गैजेट्स, ऐप्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सोशल मीडिया और डिजिटल ट्रेंड्स पर लिख रहा हूं. फ्यूचर टेक, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और तेजी से बदलती डिजिटल दुनिया से जुड़े टॉपिक्स में विशेष रुचि है. पिछले 10 वर्षों में नेशनल, पॉलिटिक्स, इंटरनेशनल, ऑटो, बिजनेस और टेक समेत कई बीट्स पर काम करने का अनुभव रहा है. इस दौरान टाइम्स इंटरनेट, दैनिक जागरण और न्यूजबाइट्स जैसे कई मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला. 

विभिन्न बीट्स पर काम करने के अनुभव ने खबरों को अलग-अलग नजरिए से समझने और पेश करने की समझ दी. रिपोर्टिंग और कंटेंट लिखने के दौरान हमेशा कोशिश रही कि खबरों को आसान और भरोसेमंद तरीके से रीडर तक पहुंचाया जाए. 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान ग्राउंड रिपोर्टिंग करने और कई नेताओं के इंटरव्यू लेने का भी अवसर मिला. 

काम के सिलसिले में कई बड़े कार्यक्रमों, प्रेस कॉन्फ्रेंस और विशेष आयोजनों को कवर करने का मौका मिला, जहां अलग-अलग पहलुओं को समझने का अवसर मिला. डिजिटल मीडिया के लगातार बदलते दौर में नई चीजें सीखने और खुद को अपडेट रखने की कोशिश रहती है, ताकि कंटेंट को बेहतर और रीडर के समझने के लिए आसान बनाया जा सके.

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