'प्राइवेट नौकरियों में भी SC-ST को मिले आरक्षण', रामदास अठावले की पार्टी ने बनाया यह प्लान
Ramdas Athawale on Reservation: दिल्ली स्थित न्यू महाराष्ट्र सदन में आरपीआई की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में रामदास आठवले ने सामाजिक प्रतिनिधित्व को लेकर पार्टी का रुख स्पष्ट किया.

रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (अठावले) ने अब संगठन के विस्तार के साथ सामाजिक प्रतिनिधित्व के मुद्दे को भी राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूती से उठाने की तैयारी शुरू कर दी है. आरपीआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री रामदास अठावले ने कहा है कि सरकारी क्षेत्र की तरह निजी क्षेत्र में भी अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, ओबीसी और अन्य वंचित वर्गों को उनकी जनसंख्या तथा सामाजिक स्थिति के अनुरूप प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए. उन्होंने निजी क्षेत्र में आरक्षण की व्यवस्था लागू किए जाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया.
राजधानी दिल्ली स्थित न्यू महाराष्ट्र सदन में आरपीआई की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में रामदास अठावले ने सामाजिक प्रतिनिधित्व को लेकर पार्टी का रुख स्पष्ट किया. उन्होंने कहा कि वंचित वर्गों को केवल सरकारी नौकरियों और संस्थानों तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि निजी क्षेत्र में भी उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने की जरूरत है.
अठावले के मुताबिक सरकारी क्षेत्र के साथ निजी क्षेत्र में भी अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, ओबीसी तथा अन्य वंचित वर्गों को उनकी जनसंख्या और सामाजिक स्थिति के अनुसार प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाना चाहिए. आरपीआई लंबे समय से निजी क्षेत्र में आरक्षण की व्यवस्था लागू करने की मांग उठाती रही है और पार्टी अध्यक्ष ने इस मुद्दे को आगे भी प्रमुखता से उठाने के संकेत दिए हैं.
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2 करोड़ नए सदस्यों को आरपीआई से जोड़ने का लक्ष्य
रामदास अठावले ने कहा कि आरपीआई का अगला बड़ा लक्ष्य आने वाले कुछ वर्षों में राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा हासिल करना है. इसके लिए पार्टी संगठन का देशव्यापी विस्तार करने और अपने जनाधार को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रही है. उन्होंने बताया कि नागालैंड में दो विधानसभा सीटें जीतने और मणिपुर में पार्टी के बेहतर प्रदर्शन के बाद आरपीआई को दो राज्यों में राज्य स्तरीय दल की मान्यता मिल चुकी है. पार्टी के अनुसार संगठन देश के सभी 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों में सक्रिय है.
राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय पदाधिकारियों और प्रमुख कार्यकर्ताओं ने संगठन की मौजूदा स्थिति के साथ-साथ आगामी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की. अलग-अलग राज्यों में पार्टी का विस्तार कैसे किया जाए और जमीनी स्तर पर संगठन को किस तरह मजबूत बनाया जाए, इस पर भी मंथन हुआ.
अठावले ने घोषणा की कि पार्टी जल्द ही देशव्यापी सदस्यता अभियान शुरू करेगी. इसके तहत 2 करोड़ नए सदस्यों को आरपीआई से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है. पार्टी का कहना है कि अभियान का मकसद केवल सदस्य संख्या बढ़ाना नहीं होगा, बल्कि राज्यों से लेकर जिलों, विधानसभा क्षेत्रों और बूथ स्तर तक सक्रिय संगठनात्मक ढांचा तैयार करना भी होगा.
बाबासाहेब आंबेडकर के विचारों को बनाया वैचारिक आधार
रामदास अठावले ने कहा कि भारत रत्न और संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचार आरपीआई की वैचारिक शक्ति और सामाजिक न्याय की राजनीति का आधार हैं. पार्टी संविधान, समानता, स्वतंत्रता, बंधुता और सामाजिक न्याय के संदेश को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने के लिए काम करती रहेगी. उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से स्थानीय मुद्दों को प्राथमिकता देने की अपील की. उनका कहना था कि कार्यकर्ताओं को आम लोगों के साथ लगातार संवाद बनाए रखना चाहिए और संगठन को जनसेवा का प्रभावी माध्यम बनाना चाहिए.
अठावले ने कहा कि आरपीआई अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक, किसान, मजदूर और समाज के अन्य वंचित वर्गों के अधिकारों की आवाज मजबूती से उठाती रहेगी. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर आरपीआई को एक मजबूत राजनीतिक विकल्प के तौर पर स्थापित करने में पार्टी के प्रत्येक कार्यकर्ता की अहम भूमिका होगी.
राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय पदाधिकारियों के अलावा विभिन्न राज्यों के प्रभारी, प्रदेश अध्यक्ष और वरिष्ठ पदाधिकारी भी मौजूद रहे. बैठक में संगठन के विस्तार और आगामी राजनीतिक रणनीति को लेकर आगे की दिशा तय करने पर जोर दिया गया.
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