सबसे पहले जनकपुरी गड्ढा हादसा देखने वाला चश्मदीद गिरफ्तार, पुलिस को जानकारी न देने पर हुई कार्रवाई
Janakpuri Bike Accident: जनकपुरी में 14 फीट गहरे पाइपलाइन गड्ढे में गिरकर 25 वर्षीय कमल ध्यानी की मौत मामले में मजदूर की गिरफ्तारी हुई. आरोप है कि मजदूर रात में ही हादसे को देख कर भाग गया था.

दिल्ली के जनकपुरी इलाके में गड्ढे में गिरकर 25 वर्षीय बाइक सवार कमल ध्यानी की मौत के मामले में पुलिस की ओर से बड़ी कार्रवाई की है. इस घटना को पहली बार देखने वाले मजदूर योगेश को उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद से गिरफ्तार किया गया है. हादसा 5 फरवरी की देर रात हुआ था, लेकिन पुलिस को इसकी सूचना करीब 8 घंटे बाद मिली थी.
पुलिस जांच के मुताबिक, 23 वर्षीय योगेश घटना के समय जनकपुरी साइट पर मौजूद था. प्रत्यक्षदर्शी विपिन सिंह ने बाइक को गड्ढे में गिरते देखा और पास के रिहायशी परिसर के सुरक्षा गार्ड को सूचना दी, जिसने योगेश को बताया. योगेश मौके पर पहुंचा और गड्ढे में घायल कमल ध्यानी को बाइक की हेडलाइट जलती हालत में देखा. इसके बावजूद उसने पुलिस या आपात सेवाओं को सूचित नहीं किया और रात 12.22 बजे अपने बॉस, सब-कॉन्ट्रैक्टर राजेश कुमार प्रजापति को फोन किया.
सब-कॉन्ट्रैक्टर के संपर्क वालों पर भी शक की निगाहें!
पुलिस के अनुसार, राजेश कुमार प्रजापति 15 से 20 मिनट में त्रिनगर स्थित अपने घर से मौके पर पहुंचा. उसने भी गड्ढे में पड़े घायल युवक को देखा, लेकिन कथित तौर पर बिना किसी राहत या बचाव की व्यवस्था किए वहां से चला गया. प्रजापति को शनिवार को गिरफ्तार कर एक दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है. जांच में सामने आया है कि प्रजापति ने उस रात 2 से 3 फोन कॉल किए थे, जिनसे संपर्क किया गया, उन सभी से पूछताछ की जाएगी. पुलिस अब उस मुख्य ठेकेदार की भी भूमिका की जांच कर रही है, जिसने प्रजापति को यह काम सौंपा था.
8 घंटे तक शव गड्ढे में ही पड़ा रहा!
कमल ध्यानी लगभग आठ घंटे तक गड्ढे में पड़ा रहा. सुबह करीब 8.03 बजे एक महिला ने, जो अपने बेटे को स्कूल छोड़ने जा रही थी, उसे देखा और पुलिस को सूचना दी. परिजनों के अनुसार, महिला ने पहले एक सुरक्षा गार्ड को बताया, लेकिन उसने ध्यान नहीं दिया. आसपास मौजूद लोग भी पुलिस को फोन करने से हिचकिचाते रहे, जिसके बाद महिला ने खुद पीसीआर कॉल की.
इस बीच, घटना को लेकर लोगों में आक्रोश है. कमल ध्यानी की मौत पर कैंडल मार्च निकाला गया और जवाबदेही की मांग की गई. पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, आम आदमी पार्टी की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज को प्रदर्शन की कोशिश के दौरान कुछ समय के लिए हिरासत में लिया गया.
एक दिन पहले ही खोदा गया था गड्ढा!
जांच में यह भी सामने आया है कि हादसे वाला गड्ढा घटना से एक दिन पहले ही खोदा गया था. पास में मौजूद एक पुराना गड्ढा स्थानीय लोगों को पता था, लेकिन यह नया गड्ढा कथित तौर पर बिना उचित बैरिकेडिंग के खुला छोड़ दिया गया था. पुलिस ने सुरक्षा गार्डों से पूछताछ कर घटनाक्रम की कड़ी जोड़नी शुरू कर दी है. टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, अधिकारियों का कहना है कि यह मामला केवल हादसे का नहीं, बल्कि गंभीर लापरवाही का है, और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.























