अरविंद केजरीवाल की मांग, 'इस्तीफा दें मनन कुमार मिश्रा, CJP...'
Arvind Kejriwal News: अरविंद केजरीवाल ने कहा कि बीसीआई वकीलों की स्वतंत्र वैधानिक संस्था है. उन्होंने कहा कि ये बीजेपी की प्रकोष्ठ नहीं है.

दिल्ली के पूर्व सीएम और आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मनन कुमार मिश्रा को इस्तीफा देना चाहिए. उन्होंने कहा कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) वकीलों की स्वतंत्र वैधानिक संस्था है, BJP का प्रकोष्ठ नहीं है. उन्होंने एक्स पोस्ट में कहा कि बीजेपी के राज्यसभा सांसद और बीसीआई चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने सभी स्टेट बार काउंसिल्स को NALSAR के पूरे 2026 बैच का इनरॉलमेंट रोकने का तानाशाही फरमान जारी किया. कॉकरोच जनता पार्टी और देशभर के जागरूक नागरिकों के विरोध के बाद उन्हें इसे वापस लेना पड़ा.
देश की जनता सत्ता का अहंकार स्वीकार नहीं करेगी- केजरीवाल
इसके आगे उन्होंने कहा, "हाल के वर्षों में केंद्र सरकार की असहमति दबाने, संस्थाओं पर कब्ज़ा करने और मनमाने आदेश थोपने की प्रवृत्ति बढ़ी है. लेकिन देश की जनता बार-बार बता रही है—वह न सत्ता का अहंकार स्वीकार करेगी, न लोकतांत्रिक संस्थाओं को राजनीतिक हथियार बनने देगी."
BJP के राज्यसभा सांसद और BCI Chairman मनन कुमार मिश्रा ने सभी State Bar Councils को NALSAR के पूरे 2026 बैच का enrolment रोकने का तानाशाही फरमान जारी किया। Cockroach Janta Party और देशभर के जागरूक नागरिकों के विरोध के बाद उन्हें इसे वापस लेना पड़ा।
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) August 14, 2026
BCI वकीलों की स्वतंत्र वैधानिक…
- NALSAR के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बनाये गए थे चीफ जस्टिस सूर्यकांत
- लेकिन NALSAR के छात्रों ने उनके कॉकरोच वाले बयान पर विरोध जताया
- यहां तक कह दिया कि चीफ जस्टिस के हाथों डिग्री नहीं लेंगे
- इसके बाद बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने NALSAR के छात्रों के नामांकन पर रोक लगाई
- कल विवाद होने के बाद BCI ने अपना आदेश वापस लिया
- लेकिन इस फैसले से BCI के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा सवालों में घिरे
सीजेआई ने पूरे विवाद पर क्या कहा?
बता दें कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने फैसला भले ही वापस ले लिया हो लेकिन विवाद बढ़ गया है. चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया जस्टिस सूर्यकांत ने कहा है कि छात्र उनका विरोध कर रहे हैं तो इसमें बार काउंसिल ऑफ इंडिया को दखल की जरूरत नहीं.
असल में हुआ ये है कि कल ही बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने हैदराबाद की National Academy of Legal Studies and Research Universit यानी NALSAR के छात्रों को लेकर बड़ विवादित फैसला लिया. बार काउंसिल के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने आदेश जारी किया कि इस यूनिवर्सिटी के किसी छात्र का किसी भी स्टेट बार काउंसिल में बतौर वकील नामांकन न हो. हालांकि विवाद के बाद कल ही फैसला वापस हो गया लेकिन मामला अब बढ़ गया.
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