Delhi Shishtachar Squad: दिल्ली में अब बच नहीं पाएंगे मनचले! तैनात होंगे एंटी ईव टीजिंग स्क्वाड, जानें- क्या होगा काम?
Delhi Anti Eve Teasing Squad: दिल्ली में महिला सुरक्षा को मजबूत करने के लिए 'शिष्टाचार स्क्वाड' तैनात किया जाएगा, जो सादा कपड़ों में गश्त करेगा. यह स्क्वाड सार्वजनिक परिवहन में भी निगरानी करेगा.

Delhi Shishtachar Squad News: दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा हमेशा से एक बड़ा मुद्दा रहा है. महिलाओं की ओर से आए दिन छेड़खानी का शिकायतें आती है. लेकिन अब मनचलों पर शिकंजा कसने वाला है क्योंकि दिल्ली में तैनात किए जाएंगे 'एंटी ईव टीजिंग स्क्वाड' जिसका नाम है 'शिष्टाचार स्क्वाड'. यह स्क्वाड उत्तर प्रदेश के 'एंटी रोमियो स्क्वाड' (Anti Romeo Squad) की तर्ज पर बनाया जा रहा है और इसे राजधानी के सभी संवेदनशील इलाकों में तैनात किया जाएगा.
दिल्ली पुलिस ने महिलाओं की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए ‘एंटी ईव-टीजिंग स्क्वॉड’ नाम से छेड़छाड़ विरोधी विशेष दस्ते का गठन किया है. यह कदम दिल्ली में सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों को रोकने और अपराधियों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है.
पुलिस ने पहले ही ‘सार्वजनिक स्थानों पर यौन अपराधों के खिलाफ कार्रवाई’ के तहत कड़े दिशा-निर्देश जारी किए थे. लेकिन, महिलाओं की सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए अब जिलावार ‘एंटी ईव-टीजिंग स्क्वॉड’ बनाए जाएंगे. ये दस्ते बस स्टैंड, मेट्रो स्टेशन, बाजार, पार्क, स्कूल-कॉलेज के आसपास और अन्य संवेदनशील इलाकों में सक्रिय रहेंगे.
हर जिले में होगा ‘शिष्टाचार स्क्वाड’
दिल्ली पुलिस कमिश्नर के आदेशानुसार हर जिले में कम से कम दो विशेष दस्ते तैनात किए जाएंगे. इन दस्तों की जिम्मेदारी महिलाओं के खिलाफ छेड़छाड़ और अन्य अपराधों को रोकना और अपराधियों पर त्वरित कार्रवाई करना होगी.
प्रत्येक दस्ते में होंगे...
1 निरीक्षक (इंस्पेक्टर)
1 उपनिरीक्षक (सब-इंस्पेक्टर)- पुरुष या महिला
4 महिला पुलिसकर्मी
5 पुरुष पुलिसकर्मी
तकनीकी सहायता के लिए विशेष स्टाफ का एक सदस्य होगा. सभी दस्तों को चार पहिया वाहन और पर्याप्त संख्या में दोपहिया वाहन दिए जाएंगे, ताकि वे तुरंत मौके पर पहुंच सकें.
संवेदनशील इलाकों में सख्त निगरानी
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, जिन इलाकों में महिलाओं के खिलाफ अपराध की घटनाएं ज्यादा होती हैं, उन स्थानों को ‘हॉटस्पॉट’ के रूप में चिह्नित किया जाएगा. इन स्थानों की सूची डीसीपी (SPUWAC) के साथ साझा की जाएगी.
- हर दस्ते को रोजाना दो संवेदनशील इलाकों में गश्त करनी होगी.
- सप्ताहभर के दौरान सभी हॉटस्पॉट कवर करने होंगे.
- हर जिले का पुलिस अधीक्षक (DCP) इन दस्तों की निगरानी करेगा.
- जिला ACP और CAW सेल के अधिकारी इनकी तैनाती की रूपरेखा तैयार करेंगे.
महिला सुरक्षा पर सरकार का जोर
दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा हमेशा एक बड़ा मुद्दा रही है. निर्भया कांड के बाद सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए कई कदम उठाए हैं, जिनमें सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाना, बसों और सार्वजनिक स्थानों पर मार्शल की तैनाती, महिला हेल्पलाइन 1091 को मजबूत करना और पिंक पेट्रोलिंग यूनिट को सक्रिय करना शामिल है.
अब ‘एंटी ईव-टीजिंग स्क्वॉड’ के गठन से महिलाओं को और ज्यादा सुरक्षित माहौल मिलेगा. यह दस्ते गुप्त रूप से सादा कपड़ों और वर्दी में दोनों तरह से गश्त करेंगे, ताकि छेड़छाड़ करने वालों पर कड़ी नजर रखी जा सके.
अपराधियों पर होगी त्वरित कार्रवाई
- दस्तों को यह अधिकार दिया गया है कि वे संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई करें.
- अगर कोई व्यक्ति छेड़छाड़ या महिलाओं के साथ बदसलूकी करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी.
- महिला पुलिसकर्मी भी इस मिशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी, ताकि पीड़ित महिलाएं बिना झिझक अपनी शिकायत दर्ज करा सकें.
दिल्ली पुलिस की महिलाओं को अपील
दिल्ली पुलिस ने महिलाओं से अपील की है कि अगर उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी होती है, तो वे बिना किसी डर के पुलिस की हेल्पलाइन 1091 या 112 पर कॉल करें. दिल्ली सरकार और पुलिस प्रशासन का यह कदम राजधानी को महिलाओं के लिए सुरक्षित शहर बनाने की दिशा में एक मजबूत पहल है. उम्मीद की जा रही है कि ‘एंटी ईव-टीजिंग स्क्वॉड’ के सक्रिय होने से महिलाओं के खिलाफ अपराधों में कमी आएगी और उन्हें सार्वजनिक स्थानों पर बिना किसी डर के आने-जाने की आजादी मिलेगी.
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Source: IOCL



























