US-Denmark Tension: ट्रंप के बयान पर डेनिश सांसद यूरोपीय संसद में गुस्से से हुए लाल, बोले– 'भाड़ में जाओ...'
ग्रीनलैंड पर कब्जे के बयान को लेकर डोनाल्ड ट्रंप की यूरोपीय संसद में कड़ी आलोचना हुई है. डेनमार्क के सांसद एंडर्स विस्टिसेन ने ट्रंप के दावे को सिरे से खारिज कर दिया है.

ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लगातार आक्रामक बयानों से यूरोप में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. यूरोपीय संसद में इस मुद्दे पर गुस्सा उस वक्त खुलकर सामने आया, जब डेनमार्क के सांसद एंडर्स विस्टिसेन ने ट्रंप के दावों को न सिर्फ खारिज किया, बल्कि बेहद कड़े शब्दों में उनकी आलोचना भी की. संसद सत्र के दौरान उन्होंने कहा, 'मैं इसे उन शब्दों में कहता हूं जो शायद आप समझें 'मिस्टर प्रेसिडेंट, भाड़ में जाओ.'
यूरोपीय संसद के सत्र के दौरान एंडर्स विस्टिसेन ने कहा कि ग्रीनलैंड पर अमेरिका के कब्जे की बात पूरी तरह अस्वीकार्य है. उन्होंने ट्रंप को संबोधित करते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी और साफ कहा कि यूरोप किसी भी दबाव या धमकी के आगे झुकने वाला नहीं है. उनका बयान सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय राजनीति में तेजी से चर्चा का विषय बन गया.
Danish MEP Anders Vistisen to Trump:
— Clash Report (@clashreport) January 20, 2026
Let me put this in words you might understand: Mr. President, fuck off. pic.twitter.com/GMYE5c1OCu
ट्रंप क्यों चाहते हैं ग्रीनलैंड?
डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से अमेरिका के लिए ग्रीनलैंड बेहद अहम है. उनका तर्क है कि आर्कटिक क्षेत्र में रूस और चीन के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए अमेरिका को वहां मजबूत पकड़ बनानी होगी. इसी आधार पर उन्होंने ग्रीनलैंड पर अमेरिकी नियंत्रण की जरूरत जताई थी.
टैरिफ की धमकी से बढ़ा तनाव
मामला तब और गंभीर हो गया जब ट्रंप ने संकेत दिया कि अगर यूरोपीय देश अमेरिकी कदमों का विरोध करते हैं तो 1 फरवरी से 10 प्रतिशत टैरिफ लगाया जा सकता है. इस बयान को यूरोप ने आर्थिक दबाव बनाने की कोशिश के तौर पर देखा है.
डेनमार्क और ग्रीनलैंड का साफ जवाब
ग्रीनलैंड, डेनमार्क साम्राज्य के अंतर्गत एक स्वशासित क्षेत्र है. डेनमार्क और ग्रीनलैंड दोनों के नेतृत्व ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यह द्वीप न तो बिक्री के लिए है और न ही किसी दबाव में आएगा. यूरोपीय नेताओं ने ट्रंप के बयानों को संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के खिलाफ बताया है.
सोशल मीडिया पोस्ट ने बढ़ाई विवाद की आग
विवाद उस समय और गहराया जब ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक एडिटेड तस्वीर साझा की. इस तस्वीर में अमेरिका का नक्शा दिखाया गया था, जिसमें कनाडा, वेनेजुएला और ग्रीनलैंड को अमेरिकी क्षेत्र के रूप में दर्शाया गया. बैकग्राउंड में ट्रंप यूरोपीय नेताओं के साथ बैठक करते नजर आए, जिससे यूरोप में नाराजगी और बढ़ गई.
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Source: IOCL



























