Delhi Metro: दिल्ली पुलिस का केबल चोरी पर बड़ा खुलासा, 13 हॉट्सपॉट की पहचान, एक्शन में DMRC
Delhi Metro News: दिल्ली पुलिस ने 13 ऐसे जगहों की पहचान की है, जहां केबल चोरी का खतरा सबसे अधिक पाया गया है. इनमें 11 रूट नए हैं, जबकि दो रूट पहले से पुलिस की नजर में थे.

- चोरी रोकने के लिए केबल पक्के किए, एंटी थेफ्ट क्लैंप, तांबे की जगह एल्युमीनियम केबल लगा रहे.
दिल्ली मेट्रो के लिए केबल चोर सिरदर्द बन चुके हैं. इन चोरों के कारण मेट्रो की रफ्तार कारण काफी प्रभावित हो रही है. इस बीच दिल्ली पुलिस की मेट्रो यूनिट ने इस मामले में एक सर्वे के जरिए बड़ा खुलासा किया है. टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने 13 ऐसे जगहों की पहचान की है, जहां केबल चोरी का खतरा सबसे अधिक पाया गया है. इनमें 11 रूट नए हैं, जबकि दो रूट पहले से पुलिस की नजर में थे.
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मेट्रो प्रशासन और पुलिस ने उन इलाकों की पहचान की है, जहां चोरी का खतरा सबसे अधिक है. इनमें एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर धौलाकुआं और शिवाजी स्टेडियम मेट्रों स्टेशन, कुतुब मीनार और सुल्तानपुर डिपो के बीच का रूट, मुकुंदपुर डिपो, मजलिस पार्क मेट्रो स्टेशन, ESI और पंजाबी बाग मेट्रो स्टेशनों के बीच का रूट, और शकूरपुर तथा नेताजी सुभाष प्लेस (NSP) मेट्रो स्टेशनों के बीच का रूट शामिल है.
कौन से रूटों को किया गया चिन्हित?
इसके साथ ही कीर्ति नगर और रमेश नगर, वेलकम और मौजपुर, वेलकम और कृष्णा नगर, तथा गोकुलपुरी और जौहरी एन्क्लेव के बीच के रूट को और त्रिलोकपुरी-IP एस्टेट कॉरिडोर जैसे कई रूटों को भी संवेदनशील माना गया है. इनमें भी मेट्रों के दिन दो रास्तों को पहले से ही संवेदनशील माना गया था, जिनमें शास्त्री पार्क से सीलमपुर और जहांगीरपुरी के अलावा हैदरपुर मोड़ मेट्रो स्टेशनों के बीच का रूट शामिल है.
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, निरीक्षण के दौरान सुरक्षा और रखरखाव में कई कमियां पाई गई हैं और इन लापरवाहियों के कारण ही केबल चोरी की घटनाएं होने की संभावना जताई गई हैं. इनमें कुछ जगहों पर टूटी हुई चारदीवारी, संवेदनशील हिस्सों के किनारे टूटी हुई या गायब रेलिंग, और मेट्रो ट्रैक के पास बड़े पेड़ों की ठीक से छंटाई न होना शामिल है.
कितने केबल चोरी के मामले आए सामने?
दिल्ली पुलिस ने केबल चोरी से जुड़े कुछ आंकड़े भी साझा किए हैं. आंकड़ो के मुताबिक, साल 2025 में केबल चोरी के 63 मामले दर्ज किए गए थे. इस मामले में 55 लोगों को गिरफ्तार किया गया था. साल 2026 में, 15 अप्रैल तक 20 मामले दर्ज किए गए हैं. इस मामले में 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. गौर हो कि केबल चोरी से मेट्रो का सिग्नलिंग सिस्टम प्रभावित होता है, जिसके कारण ट्रेनों को धीमी गति से चलाना पड़ता है. इन घटनाओं से मेट्रो को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा रहा है और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं.
केबल चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे?
मेट्रों प्रशासन के लिए केबलों को बदलना इतना आसान नहीं होता क्योंकि इससे सुरक्षा को भी खतरा हो सकता है. ऐसे में इस तरह की घटनाओं से निपटने के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने कई कदम उठाए हैं. इनमें चोरी की आशंका वाले इलाकों में केबलों को सीमेंट से पक्का करना, एंटी थेफ्ट क्लैंप लगाना शामिल है. इसके अलावा कटीली तारों को लगाया जा रहा है, सीसीटीवी से निगरानी को बढ़ाया जा रहा है, केबल ट्रे पर सुरक्षा कवच लगाए जा रहे हैं, और तांबे के केबलों की जगह एल्युमीनियम के केबल लगाए जा रहे हैं.
गौर हो कि पिछले महीने दिल्ली पुलिस और DMRC अधिकारियों के बीच हुई एक बैठक के बाद DMRC स्टाफ़, सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फ़ोर्स (CISF) और दिल्ली पुलिस द्वारा मिलकर की जाने वाली गश्त को भी बढ़ाने का निर्णय लिया गया था.
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