दिल्ली विधानसभा में बनी फांसी घर पर विवाद! आखिर क्या है ये मामला, जिस पर हो रहा है हंगामा?
Delhi Fansi Ghar: दिल्ली विधानसभा में कथित 'फांसी घर' को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसे झूठा प्रचार बताते हुए जांच और खर्च की वसूली की मांग की है.

दिल्ली विधानसभा में इन दिनों एक नए मुद्दे पर बहस और बवाल दोनों जारी है. विधानसभा सत्र के दौरान परिसर में 'फांसी घर' के अस्तित्व को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) द्वारा किए गए दावे अब विवादों में घिर गए हैं.
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार (6 अगस्त) को इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए मामले की जांच की मांग की है. उन्होंने कहा कि इस कथित ‘फांसी घर’ के जीर्णोद्धार पर खर्च हुए एक-एक रुपये की वसूली होनी चाहिए, क्योंकि यह जनता को गुमराह करने की कोशिश थी.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल 2022 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने विधानसभा परिसर में एक कक्ष का उद्घाटन ‘फांसी घर’ के रूप में किया था. विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने इसे ‘टिफिन रूम’ बताया, जो ब्रिटिश काल में ‘इंपीरियल लेजिस्लेटिव काउंसिल’ का हिस्सा था.
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि एक करोड़ रुपये की लागत से की गई सजावट एक झूठी कहानी पर आधारित है. वहीं PWD मंत्री परवेश वर्मा ने तो इसे देश की पहली संसद करार दिया है.
रेखा गुप्ता और परवेश वर्मा के आरोप
रेखा गुप्ता ने विधानसभा में इस मुद्दे को उठाते हुए कहा, “यह ‘फांसी घर’ का दावा एक राजनीतिक नाटक है जिसे केजरीवाल ने लोगों की भावनाओं से खेलने के लिए तैयार किया.” उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि AAP संयोजक के पास “नाटक और मनोविज्ञान की कई डिग्रियां” हैं.
वहीं, मंत्री परवेश वर्मा ने कहा कि “केजरीवाल सरकार ने बिना किसी ऐतिहासिक सत्यापन या ASI और पुरातत्व विभाग से सलाह लिए, इस कक्ष को फांसी घर घोषित कर दिया.” उन्होंने बताया कि यह भवन कभी भारत की पहली संसद रहा है, जहां ‘टिफिन रूम’ के तौर पर लिफ्ट की व्यवस्था थी, जिससे खाना ऊपर-नीचे जाता था.
Delhi: During a visit to the alleged 'hanging house' in the Delhi Assembly, Minister Parvesh Verma says, "The previous government distorted history. Someone must have told their Chief Minister Kejriwal that this place was a hanging site, and without any investigation,… pic.twitter.com/NIbRvHnHOj
— IANS (@ians_india) August 5, 2025
इतिहास से खिलवाड़ या सच्चाई का पर्दाफाश?
विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता के अनुसार, इस भवन के हर कमरे का ऐतिहासिक रिकॉर्ड राष्ट्रीय अभिलेखागार में मौजूद है, जिसमें यह ‘टिफिन रूम’ के तौर पर दर्ज है. उन्होंने कहा कि इस तथ्य की पुष्टि संबंधित विभागों और पुरातात्विक जांच के माध्यम से हो चुकी है. रेखा गुप्ता ने चेताया कि आगामी अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन से पहले इस ‘झूठ’ का पर्दाफाश जरूरी है.
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