दिल्ली में सजेगा कला और संस्कृति का रंग, 8 देशों के कलाकार देंगे एकता का संदेश
Delhi News: दिल्ली में 16-18 जनवरी को 11वां अंतर्राष्ट्रीय नृत्य और संगीत महोत्सव आयोजित हो रहा है. ICCR द्वारा आयोजित इस निःशुल्क कार्यक्रम में 8 देशों के 148 कलाकार सांस्कृतिक एकता का संदेश देंगे.

देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर कला और संस्कृति के रंगों में रंगने जा रही है. भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद की पहल पर आयोजित 11वें इंटरनेशनल डांस एंड म्यूजिक फेस्टिवल में भारत समेत आठ देशों के कलाकार नृत्य और संगीत के जरिए सांस्कृतिक एकता का संदेश देंगे. दिल्ली में 16 से 18 जनवरी तक तीन दिवसीय इंटरनेशनल डांस एंड म्यूजिक फेस्टिवल का आयोजन किया जा रहा है. दर्शकों के लिए पूरी तरह से निःशुल्क यह आयोजन सराय काले खां के पास यमुना नदी के किनारे डीडीए द्वारा विकसित बांसेरा पार्क में होगा. महोत्सव का उद्देश्य विभिन्न देशों के बीच सांस्कृतिक संवाद को और मजबूत करना है.
आठ देशों के 148 कलाकार देंगे रंगारंग प्रस्तुतियां
इस अंतरराष्ट्रीय महोत्सव में भारत के साथ किर्गिस्तान, कजाकिस्तान, मालदीव, लिथुआनिया, बुर्किना फासो, उज्बेकिस्तान और मलेशिया के कलाकार हिस्सा ले रहे हैं. कुल 148 विदेशी और 12 भारतीय कलाकार शास्त्रीय, लोक और समकालीन नृत्य व संगीत की प्रस्तुतियां देंगे. इन प्रस्तुतियों के माध्यम से अलग-अलग संस्कृतियों की झलक एक ही मंच पर देखने को मिलेगी.
एलजी करेंगे उद्घाटन, पतंग उत्सव की भी होगी शुरुआत
आईसीसीआर की महानिदेशक के. नंदिनी सिंगला के अनुसार, दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना आज 16 जनवरी को इस महोत्सव का उद्घाटन करेंगे. आज डीडीए द्वारा आयोजित पतंग उत्सव की भी शुरुआत की जाएगी, जिससे कार्यक्रम में पारिवारिक और उत्सवी माहौल और खास बन जाएगा.
दिग्गज कलाकारों की मौजूदगी बढ़ाएगी आकर्षण
उद्घाटन समारोह में प्रसिद्ध वायलिन वादक डॉ. एल. आर. सुब्रमणियम और सुप्रसिद्ध गायिका कविता कृष्णमूर्ति अपनी प्रस्तुतियों से समां बांधेंगी. वहीं मलेशिया के जाने-माने कोरियोग्राफर और भरतनाट्यम एवं ओडिसी जैसे भारतीय शास्त्रीय नृत्यों के विशेषज्ञ रामली इब्राहिम ‘राधे-राधे’ पर विशेष प्रस्तुति देंगे.
देश के कई शहरों में भी पहुंचेगा उत्सव का रंग
दिल्ली के बाद यही कलाकार चंडीगढ़, शिलांग, जम्मू, बेंगलुरु और बड़ौदा में भी अपनी प्रस्तुतियां देंगे. इससे देश के अलग-अलग हिस्सों में अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक गतिविधियों को देखने का अवसर मिलेगा और कला प्रेमियों को वैश्विक मंच से जुड़ने का अनुभव होगा.
सांस्कृतिक कूटनीति को मजबूत करने की पहल
आईसीसीआर की डीडीजी मनीषा स्वामी ने पूरे आयोजन की जानकारी देते हुए बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य भारत की सांस्कृतिक कूटनीति को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करना और देशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है. आयोजन के माध्यम से एकता और सद्भाव का संदेश दुनिया तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है.
अंतरराष्ट्रीय मीडिया की भी रहेगी नजर
स्वामी ने बताया कि इस महोत्सव में दुनिया भर से 27 अंतरराष्ट्रीय पत्रकार भी शामिल हो रहे हैं, जो इस आयोजन को वैश्विक स्तर पर कवरेज देंगे. इस दौरान आईसीसीआर के डीडीजी डॉ. राजेश रंजन समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. डीडीए की सहायक आयुक्त कल्पना खुराना ने पतंग उत्सव से जुड़ी तैयारियों की जानकारी भी साझा की.
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