NEET-UG से MBBS में दाखिला पाने वाले छात्र को बड़ी राहत, दिल्ली HC ने दिया ये आदेश
Delhi High Court: दिल्ली हाईकोर्ट ने NEET-UG 2024 में एक छात्र के MBBS दाखिले को रद्द करने से रोका। कोर्ट ने कहा कि उच्च शिक्षा राज्य की जिम्मेदारी है और इसे बिना ठोस वजह के छीना नहीं जा सकता.

दिल्ली हाईकोर्ट ने NEET-UG 2024 से एमबीबीएस में दाखिला पाने वाले एक छात्र को बड़ी राहत देते हुए कहा है कि उच्च या प्रोफेशनल शिक्षा भले ही संविधान में मौलिक अधिकार के रूप में साफ-साफ नहीं लिखी हो, लेकिन इसे राज्य की जिम्मेदारी माना जाना चाहिए और इसे बिना ठोस वजह के छीना नहीं जा सकता. दिल्ली हाई कोर्ट में मामला एक मेडिकल छात्र से जुड़ा था जिसका दाखिला NEET-UG 2024 में कथित अनियमितताओं के आरोपों के आधार पर रद्द कर दिया गया था.
छात्र का नाम एमबीबीएस कोर्स से भी हटा दिया गया था, जिससे उसकी पढ़ाई बीच में रुक गई. CBI की ओर से कोर्ट को बताया गया कि वह NEET-UG 2024 के प्रश्नपत्र लीक से जुड़े आरोपों की जांच कर रही है और 22 छात्रों को आरोपी बनाया गया है. लेकिन जिस छात्र का दाखिला रद्द किया गया वह आरोपी नहीं बल्कि सिर्फ गवाह है.
'बिना पुख्ता आधार के दाखिला रद्द करना पूरी तरह गलत'
अदालत ने इस बात को अहम माना और कहा कि जब कोई छात्र आरोपी ही नहीं है, तो उसके खिलाफ कोई भी गलत काम करने की प्राथमिक धारणा नहीं बन सकती. दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि छात्र ने मेरिट के आधार पर खुले मुकाबले वाली परीक्षा में सफलता पाई थी और उसका दाखिला केवल तभी रद्द किया जा सकता है जब उसके खिलाफ ठोस, सही और मजबूर करने वाले कारण हों. बिना पुख्ता आधार के उसका दाखिला रद्द करना पूरी तरह गलत है और इससे उसकी शैक्षणिक प्रगति को नुकसान पहुंचा है.
दिल्ली हाई कोर्ट ने की मामले में सख्त टिप्पणी
दिल्ली हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए साफ कहा कि शिक्षा का अधिकार, खासकर उच्च और प्रोफेशनल शिक्षा, बेहद कीमती है और राज्य का दायित्व है कि वह इसे सुरक्षित रखे. इसे मामूली या बिना वजह के छीना नहीं जा सकता. कोर्ट ने छात्र की याचिका स्वीकार करते हुए आदेश दिया कि उसे तुरंत एमबीबीएस की कक्षाओं में शामिल होने दिया जाए और वह अपनी पढ़ाई सामान्य रूप से जारी रख सकें.
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