नाबालिग रेप पीड़िता से शादी करना POCSO से बचने का रास्ता नहीं, HC ने खारिज की जमानत याचिका
Delhi High Court News: नाबालिग से रेप के आरोपी ने जेल जाने के बाद पीड़िता से निकाह किया था. दिल्ली HC ने कहा कि शादी करने से अपराध खत्म नहीं होता.

दिल्ली हाईकोर्ट अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर किसी नाबालिग से रेप के आरोपी ने बाद में उसी लड़की से शादी भी कर ली हो, तब भी उससे प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस एक्ट (POCSO) के तहत लगे अपराध खत्म नहीं हो जाते. जस्टिस गिरीश कथपालिया की बेंच ने एक आरोपी की जमानत याचिका खारिज करते हुए यह बात कही. आरोपी ने दलील दी थी कि उसने केस दर्ज होने के बाद पीड़िता से निकाह कर लिया है, इसलिए उसे जमानत मिलनी चाहिए.
क्या है मामला?
पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि जब वह 16 साल की थी, तब आरोपी ने शादी का झांसा देकर उसके साथ कई बार रेप किया. इस दौरान वह गर्भवती भी हो गई और उसे दो बार गर्भपात कराना पड़ा. शिकायत के मुताबिक, जब पीड़िता 18 साल की हुई तो आरोपी ने शादी से इनकार कर दिया और उसके साथ मारपीट भी करने लगा. इसके बाद पीड़िता ने पुलिस में केस दर्ज कराया.
गिरफ्तारी के बाद किया निकाह
सुनवाई के दौरान अदालत के सामने यह तथ्य भी आया कि आरोपी ने गिरफ्तार होने और जेल जाने के बाद पीड़िता से निकाह किया. कोर्ट ने कहा कि ऐसा लगता है कि आरोपी ने सिर्फ जमानत पाने के लिए शादी का सहारा लिया.अदालत ने कहा कि अगर नाबालिग के साथ बार-बार रेप हुआ है, तो बाद में शादी कर लेना उस अपराध से मुक्ति नहीं दिला सकता.
कोर्ट में बदला पीड़िता का बयान
हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान पीड़िता ने अपने पहले दिए बयान से कुछ हद तक पीछे हटते हुए कहा कि उसे FIR की पूरी जानकारी नहीं थी. लेकिन जांच अधिकारी ने इसका विरोध करते हुए बताया कि पीड़िता लॉ की छात्रा है और अनपढ़ नहीं है. ऐसे में यह मानना मुश्किल है कि उसने बिना पढ़े इतनी गंभीर शिकायत पर हस्ताक्षर कर दिए होंगे. अदालत ने भी इस तर्क से सहमति जताते हुए कहा कि पहली नजर में पीड़िता का नया बयान विश्वसनीय नहीं लगता. हालांकि अदालत ने साफ किया कि इस मुद्दे पर अंतिम फैसला ट्रायल कोर्ट करेगा.
जमानत याचिका खारिज
सभी तथ्यों को देखते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी. अदालत ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को फिलहाल राहत नहीं दी जा सकती.






















