दिल्ली: रेन बसेरों में भ्रष्टाचार का आरोप, हाईकोर्ट ने दिए जांच के आदेश
Delhi News: दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार को नाइट शेल्टरों में भ्रष्टाचार की शिकायतों पर जांच करने का निर्देश दिया है. याचिका में NGO पर फर्जी कर्मचारी दिखाकर सरकारी धन में गड़बड़ी का आरोप है.

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को राजधानी के रेन बसेरों के संचालन और प्रबंधन में कथित बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार मिलीभगत की शिकायतों पर जांच शुरू करने पर विचार करने को कहा है. दिल्ली हाई कोर्ट ने मामले को गंभीर बताया है.
दिल्ली हाई कोर्ट में दिल्ली शेल्टर होम वर्कर्स यूनियन द्वारा दाखिल जनहित याचिका दाखिल की गई है. कोर्ट में दाखिल अर्जी में यूनियन का आरोप है कि दिल्ली अर्बन शेल्टर इम्प्रूवमेंट बोर्ड के तहत काम कर रहे कॉन्ट्रैक्ट एनजीओ घोस्ट एम्प्लॉयीज दिखाकर, फर्जी उपस्थिति दर्ज कर और सरकारी फंड में गड़बड़ी कर रहे हैं.
यूनियन का कहना है कि इन एनजीओ की मिलीभगत कुछ अधिकारियों से है, और बार-बार शिकायतों के बावजूद न तो DUSIB ने और न ही उपराज्यपाल या एंटी करप्शन ब्रांच ने कोई कार्रवाई की.
कोर्ट से पूरे मामले की स्वतंत्र और कोर्ट-निगरानी में जांच की मांग
दिल्ली हाई कोर्ट में दाखिल याचिका में कोर्ट से मांग की गई है कि इस पूरे मामले की स्वतंत्र और कोर्ट की निगरानी में जांच हो 2018 से अब तक के सभी रिकॉर्ड और वेतन भुगतान का डेटा पेश किया जाए साथ ही CAG से वित्तीय ऑडिट कराया जाए. यूनियन ने बायोमेट्रिक अटेंडेंस लागू करने दोषी एनजीओ को ब्लैकलिस्ट करने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग भी की है.
दिल्ली हाई कोर्ट का अहम आदेश
फिलहाल दिल्ली में DUSIB एक्ट, 2010 के तहत करीब 198 नाइट शेल्टर एनजीओ के जरिए चलाए जा रहे हैं. चीफ जस्टिस डी. के. उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की बेंच ने कहा कि सरकार के पास DUSIB के कामकाज की जांच करने और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई करने के पर्याप्त अधिकार हैं.
आवश्यक कार्रवाई पर करना होगा विचार
अदालत ने यूनियन को निर्देश दिया कि वह दो हफ्तों में दिल्ली सरकार को अपनी प्रतिनिधि शिकायत दे जिसके बाद सरकार को DUSIB एक्ट की धाराओं 26, 27 और 28 के तहत आवश्यक कार्रवाई पर विचार करना होगा. कोर्ट ने यह भी कहा कि किसी भी जांच या कार्रवाई में बोर्ड, संबंधित एनजीओ और अन्य पक्षों को सुनवाई का अवसर दिया जाए.
Source: IOCL





















