1 जुलाई से लागू हुई दिल्ली EV Policy 2026, जानिए कितनी मिलेगी सब्सिडी और स्क्रैपिंग इंसेंटिव?
Delhi News In Hindi: दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों की नई ईवी नीति-2026 को उपराज्यपाल की मंजूरी के बाद यह नीति 1 जुलाई 2026 से प्रभावी हो गई है और 31 मार्च 2030 तक लागू रहेगी.

दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नई ईवी नीति-2026 को उपराज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद आधिकारिक रूप से अधिसूचित कर दिया गया है. यह नीति 1 जुलाई 2026 से प्रभावी हो गई है और 31 मार्च 2030 तक लागू रहेगी. नई व्यवस्था के तहत इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले उपभोक्ताओं को निर्धारित शर्तों के अनुसार सब्सिडी के साथ पुराने वाहन को स्क्रैप कराने पर अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि भी मिलेगी.
60 दिनों के अंदर मिलेगी सब्सिडी, वाहन ट्रांसफर पर रहेगी रोक
सरकार के अनुसार पात्र उपभोक्ताओं को डिजिटल पोर्टल पर आवेदन जमा करने की तारीख से 60 दिनों के भीतर सब्सिडी और प्रोत्साहन राशि का लाभ उपलब्ध कराया जाएगा. हालांकि, योजना का लाभ लेने वाले वाहन अधिसूचना जारी होने की तारीख से अगले तीन वर्षों तक किसी अन्य राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में स्थानांतरण के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त नहीं कर सकेंगे.
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कैबिनेट की मंजूरी के बाद एलजी ने दी अंतिम स्वीकृति
दिल्ली सरकार की कैबिनेट ने 29 जून को ईवी नीति-2026 को मंजूरी देकर इसे उपराज्यपाल के अनुमोदन के लिए भेजा था. अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद अब यह नीति पूरे दिल्ली क्षेत्र में लागू हो चुकी है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि नई ईवी नीति का प्रमुख लक्ष्य दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाना, वायु गुणवत्ता में सुधार करना और पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम करना है.
इसके साथ ही चार्जिंग स्टेशन और बैटरी स्वैपिंग नेटवर्क का व्यापक विस्तार कर राजधानी में मजबूत इलेक्ट्रिक वाहन पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने पर भी विशेष जोर दिया गया है. नई नीति में वित्तीय प्रोत्साहन के साथ डिजिटल पारदर्शिता, संस्थागत निगरानी और पर्यावरणीय उत्तरदायित्व को समान महत्व दिया गया है. सरकार का मानना है कि इससे ईवी अपनाने की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी.
परिवहन विभाग होगा नोडल एजेंसी, बनेगा समर्पित EV Cell
ईवी नीति के संचालन की जिम्मेदारी परिवहन विभाग को सौंपी गई है. विभाग के अंतर्गत एक समर्पित ईवी प्रकोष्ठ स्थापित किया जाएगा, जो नीति के क्रियान्वयन, दिशा-निर्देश जारी करने, आवश्यक स्पष्टीकरण देने और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने का कार्य करेगा. इसके अलावा परियोजना के प्रभावी संचालन के लिए एक समर्पित प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट (PMC) भी नियुक्त किया जाएगा.
राजधानी में चार्जिंग और बैटरी स्वैपिंग अवसंरचना के तेजी से विस्तार के लिए दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड (DTL) को नोडल एजेंसी बनाया गया है. एजेंसी पूरे नेटवर्क के विकास और समन्वय की जिम्मेदारी निभाएगी.
जानिए किस वाहन पर कितनी मिलेगी सब्सिडी
नई ईवी नीति के तहत अलग-अलग वर्षों में दोपहिया और तिपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों पर मिलने वाली सब्सिडी इस प्रकार होगी.
पहला साल
- दोपहिया वाहन - 30,000 रुपये
- तीन पहिया वाहन - 50,000 रुपये
दूसरा साल
- दोपहिया वाहन - 20,000 रुपये
- तीन पहिया वाहन - 30,000 रुपये
तीसरा साल
- दोपहिया वाहन - 10,000 रुपये
- तीन पहिया वाहन - 20,000 रुपये
एन-1 श्रेणी के व्यावसायिक छोटे वाहनों के लिए पहले वर्ष में ही अधिकतम 1 लाख रुपये की सब्सिडी प्रदान की जाएगी.
मॉडल अनुमोदन समिति तय करेगी कौन से वाहन होंगे पात्र
ईवी मॉडलों को सब्सिडी और प्रोत्साहन के लिए पात्र घोषित करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग के अधीन मॉडल अनुमोदन समिति का गठन किया जाएगा. यह समिति विभिन्न ईवी मॉडलों की पात्रता तय करेगी.
नीति के प्रभावी क्रियान्वयन और उच्चस्तरीय निगरानी के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्चाधिकार समिति गठित की जाएगी. इसमें परिवहन, ऊर्जा, योजना, पर्यावरण, वित्त विभाग, दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड, डिस्कॉम तथा आवश्यकता के अनुसार अन्य विभागों और एजेंसियों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा.
दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहन शीर्ष समिति करेगी नीति की समीक्षा
नई ईवी नीति के संचालन के लिए दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहन शीर्ष समिति भी कार्य करेगी. यह समिति नीति के कार्यान्वयन से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों पर निर्णय लेगी, आवश्यक संशोधनों की अनुशंसा करेगी और भविष्य में हाइड्रोजन या अन्य स्वच्छ ईंधन आधारित नई तकनीकों को लेकर सरकार को सुझाव भी देगी.
दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत पुरानी बैटरियों के संग्रह केंद्र विकसित करेगी. इसके साथ ही बैटरियों के सुरक्षित संग्रह, भंडारण, परिवहन और अधिकृत रीसाइक्लरों तक सुरक्षित हस्तांतरण के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) भी अधिसूचित की जाएगी.





















