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दिल्ली BJP चीफ वीरेंद्र सचदेवा का कार्यकाल हो रहा पूरा, नए अध्यक्ष के लिए रेस में ये नाम आगे
Delhi BJP Chief Race: दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष पद के लिए NDMC के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल, केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा और राजीव बब्बर को अध्यक्ष पद की दौड़ में प्रमुख दावेदार माना जा रहा है.

दिल्ली BJP प्रदेश अध्यक्ष की रेस 3 नाम आगे
Source : Facebook
- बंगाल चुनाव के बाद राष्ट्रीय नेतृत्व करेगा अंतिम घोषणा.
दिल्ली बीजेपी में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. मौजूदा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा का कार्यकाल पूरा होने के बाद पार्टी के भीतर नए अध्यक्ष को लेकर मंथन शुरू हो चुका है. संगठन के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक कुछ नए नाम तेजी से उभरकर सामने आए हैं, जबकि एक वर्ग मौजूदा नेतृत्व को ही जारी रखने के पक्ष में नजर आ रहा है.
सूत्रों की मानें तो नई दिल्ली नगर परिषद (NDMC) के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल, केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा और राजीव बब्बर को अध्यक्ष पद की दौड़ में प्रमुख दावेदार माना जा रहा है. तीनों नेताओं की संगठन में पकड़ और केंद्रीय नेतृत्व से नजदीकी को उनकी ताकत के रूप में देखा जा रहा है.
सचदेवा को मिल सकता है दूसरा मौका, जीत का रिकॉर्ड बना आधार
हालांकि, पार्टी के भीतर एक वर्ग का मानना है कि हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में मिली बड़ी सफलता के चलते वीरेंद्र सचदेवा को ही दोबारा जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है. उनके नेतृत्व में पार्टी ने लंबे अंतराल के बाद सत्ता में वापसी की, जो उनके पक्ष में मजबूत तर्क बनता है. वीरेंद्र सचदेवा ने मार्च में दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष के रूप में अपने तीन साल पूरे कर लिए हैं. पार्टी के संविधान के अनुसार, प्रदेश अध्यक्ष का कार्यकाल तीन वर्ष का होता है और कोई भी नेता लगातार दो कार्यकाल तक इस पद पर रह सकता है. ऐसे में उनके लिए दूसरा कार्यकाल पूरी तरह संभव माना जा रहा है.
राष्ट्रीय नेतृत्व के फैसले का इंतजार, बंगाल चुनाव के बाद हो सकता ऐलान
पार्टी सूत्रों के अनुसार, दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष पद को लेकर अंतिम फैसला राष्ट्रीय नेतृत्व ही करेगा. संभावना जताई जा रही है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद इस पर औपचारिक घोषणा की जा सकती है. वीरेंद्र सचदेवा को दिसंबर 2022 में कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था और मार्च 2023 में उन्होंने पूर्णकालिक जिम्मेदारी संभाली. उनके नेतृत्व में बीजेपी ने 2025 के विधानसभा चुनावों में 70 में से 48 सीटें जीतकर 27 साल बाद सत्ता में वापसी की. इसके अलावा 2024 के लोकसभा चुनावों में भी पार्टी ने दिल्ली की सभी सात सीटें जीतकर अपना वर्चस्व कायम रखा.
सामाजिक समीकरण भी अहम
बीजेपी के अंदरूनी समीकरणों में इस बार सामाजिक संतुलन भी अहम भूमिका निभा सकता है. कुलजीत सिंह चहल जाट समुदाय से आते हैं, जबकि वीरेंद्र सचदेवा, हर्ष मल्होत्रा और राजीव बब्बर पंजाबी समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हैं. वहीं जय प्रकाश का नाम गुर्जर समुदाय के प्रतिनिधि के रूप में चर्चा में है.
कुलजीत सिंह चहल को NaMo ऐप के राष्ट्रीय संयोजक के तौर पर केंद्रीय नेतृत्व के करीब माना जाता है. वहीं, हर्ष मल्होत्रा की पहचान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के करीबी नेता के रूप में है. ऐसे में संगठनात्मक पकड़ और वैचारिक जुड़ाव दोनों ही चयन में अहम भूमिका निभा सकते हैं.
राजीव बब्बर का लंबा संगठनात्मक अनुभव, चुनावी रणनीति में अहम भूमिका
राजीव बब्बर भी इस दौड़ में एक मजबूत नाम के तौर पर उभर रहे हैं. दिल्ली यूनिवर्सिटी से स्नातक और एलएलबी करने वाले बब्बर छात्र राजनीति से लेकर बीजेपी संगठन तक लंबा अनुभव रखते हैं. 2006 में युवा मोर्चा से जुड़ने के बाद बब्बर ने तेजी से संगठन में अपनी पहचान बनाई. वे प्रदेश उपाध्यक्ष से लेकर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तक रहे और कई राज्यों के प्रभारी भी बने. बाद में जिला अध्यक्ष और प्रवक्ता के तौर पर भी उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई.
हालिया चुनावों में रणनीतिक भूमिका, जमीनी पकड़ मजबूत
दिल्ली विधानसभा चुनावों में बब्बर ने अभियान और नैरेटिव को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. इसके अलावा बिहार और पश्चिम बंगाल चुनावों में भी उनकी सक्रिय भागीदारी रही है. दिल्ली में पंजाबी नेता के रूप में उनकी अलग पहचान है और वे लंबे समय से विभिन्न सामाजिक वर्गों की आवाज उठाते रहे हैं.
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