सत्ता गई, खुद भी हारे, अब आगे क्या करेंगे अरविंद केजरीवाल? खुद बताया अपना प्लान
Delhi Election Results 2025: 'आप' के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने चुनाव हारने के बाद कहा कि उनकी सरकार ने पिछले 10 सालों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पानी और बिजली के क्षेत्र में बड़े सुधार किए.

Delhi Assembly Election Results 2025: दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) को करारा झटका लगा है. पार्टी को कई सीटों पर हार का सामना करना पड़ा. पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन जैसे बड़े नेता चुनाव हार गए हैं. माना जा रहा है कि इस चुनाव में भ्रष्टाचार बड़ा मुद्दा बना, जिससे ‘आप’ को भारी नुकसान हुआ.
चुनाव नतीजों के बाद आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा. ''उनकी पार्टी राजनीति में सत्ता के लिए नहीं, बल्कि जनता की सेवा के लिए आई थी और आगे भी यही काम करेगी.'' उन्होंने दिल्ली की जनता के फैसले को विनम्रता के साथ स्वीकार किया और बीजेपी को इस जीत की बधाई दी.
भ्रष्टाचार बना सबसे बड़ा मुद्दा
2013 में आम आदमी पार्टी भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के नाम पर राजनीति में आई थी. लेकिन बीते कुछ सालों में पार्टी खुद भ्रष्टाचार के आरोपों में घिर गई. दिल्ली की शराब नीति घोटाले में मनीष सिसोदिया को सीबीआई ने गिरफ्तार किया. सत्येंद्र जैन मनी लॉन्ड्रिंग केस में पहले से जेल में थे. यहां तक कि चुनाव से पहले खुद पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल को भी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गिरफ्तार कर लिया था. इन सभी मामलों ने ‘आप’ की छवि को बड़ा नुकसान पहुंचाया.
AAP ने गिनाए अपने काम
अरविंद केजरीवाल ने कहा, ''उनकी सरकार ने पिछले 10 सालों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पानी और बिजली के क्षेत्र में बड़े सुधार किए. दिल्ली में सरकारी स्कूलों की हालत सुधरी, मोहल्ला क्लीनिक शुरू हुए और बिजली-पानी की दरें भी काबू में रखी गईं. लेकिन इन कामों के बावजूद भ्रष्टाचार के आरोपों ने जनता का भरोसा तोड़ दिया.
मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाएगी AAP- केजरीवाल
AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा, ''अब आम आदमी पार्टी एक मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाएगी और जनता के सुख-दुख में हमेशा खड़ी रहेगी.'' उन्होंने कार्यकर्ताओं को भी बधाई दी और कहा कि उन्होंने पूरे चुनाव में कड़ी मेहनत की और कई मुश्किलों का सामना किया.
दिल्ली की कुल 70 विधानसभा सीटों में से बीजेपी को 48 सीटों पर जीत मिली है जबकि AAP को महज 22 सीटों पर जीत हासिल हुई. अब आम आदमी पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपनी साख बचाने की है. क्या वह जनता के बीच अपनी पुरानी छवि दोबारा बना पाएगी या यह हार ‘आप’ के अस्तित्व के लिए संकट बन जाएगी? यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा.
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Source: IOCL























