कड़कड़डूमा हाउसिंग स्कीम में DDA ने बदला प्लान, ई-ऑक्शन फीका पड़ते ही अपनाया ये मॉडल
DDA Karkardooma Housing Scheme: कड़कड़डूमा में डीडीए की टावरिंग हाइट्स स्कीम के पहले चरण में ई-ऑक्शन में कम रुचि के बाद, प्राधिकरण अब बचे फ्लैटों को 'पहले आओ-पहले पाओ' के आधार पर बेचेगा.

पूर्वी दिल्ली के कड़कड़डूमा इलाके में स्थित डीडीए की बहुप्रचारित टावरिंग हाइट्स हाउसिंग स्कीम को पहले चरण में उम्मीद के मुताबिक खरीदार नहीं मिले. ई-ऑक्शन के प्रति कम दिलचस्पी के बाद अब प्राधिकरण ने रणनीति बदलते हुए बचे फ्लैट्स को सीधे बिक्री के लिए खोलने का फैसला किया है.
डीडीए की हाउसिंग स्कीम–2026 के तहत पहले चरण में 1026 फ्लैट्स को ई-ऑक्शन के जरिए बेचने की योजना थी. लेकिन प्रक्रिया के दौरान करीब 200 फ्लैट्स पर कोई बोली तक नहीं लगी. कमजोर रिस्पॉन्स ने साफ कर दिया कि बाजार की नब्ज ई-ऑक्शन मॉडल से मेल नहीं खा रही है.
अब ‘पहले आओ–पहले पाओ’ के तहत मिलेगी खरीद की सुविधा
ई-ऑक्शन में ठंडे माहौल के बाद डीडीए ने बचे फ्लैट्स को फर्स्ट कम फर्स्ट सर्व के आधार पर बेचने का निर्णय लिया है. इसका उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा खरीदारों को आकर्षित करना और प्रोजेक्ट की बिक्री को गति देना है.
दूसरे चरण में 741 रेडी-टू-मूव सरीखे 2BHK फ्लैट्स
स्कीम के अगले चरण में कुल 741 फ्लैट्स उपलब्ध कराए जा रहे हैं. सभी फ्लैट्स 2BHK कैटेगरी के हैं और आधुनिक शहरी जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किए गए हैं. आवेदन की पूरी प्रक्रिया डिजिटल रखी गई है. इच्छुक खरीदार डीडीए के आधिकारिक आवास पोर्टल के जरिए आवेदन कर सकेंगे. किसी भी तरह की ऑफलाइन प्रक्रिया नहीं होगी, जिससे पारदर्शिता और सुविधा दोनों सुनिश्चित की जा सके.
2,500 रुपये रजिस्ट्रेशन, 4 लाख की बुकिंग अमाउंट तय
फ्लैट के लिए आवेदन करते समय 2,500 रुपये का रजिस्ट्रेशन शुल्क देना होगा. इसके अलावा प्रत्येक फ्लैट की बुकिंग पर 4 लाख रुपये जमा करने होंगे. यह राशि रिफंडेबल नहीं होगी, लेकिन आवंटन होने पर फ्लैट की कुल कीमत में समायोजित कर दी जाएगी.
एक से अधिक फ्लैट्स के लिए भी कर सकते हैं आवेदन
डीडीए ने इस स्कीम में निवेशकों और बड़े परिवारों को भी अवसर दिया है. इच्छुक व्यक्ति एक से ज्यादा फ्लैट्स के लिए आवेदन कर सकते हैं, बशर्ते वे तय शर्तों को पूरा करें.
निर्माण कार्य 90 फीसदी पूरा, जुलाई 2026 तक संभावित कब्जा
इन फ्लैट्स का निर्माण लगभग अंतिम चरण में है और 90 प्रतिशत काम पूरा किया जा चुका है. आवंटन के समय खरीदार को कुल कीमत का 75 प्रतिशत भुगतान करना होगा. बाकी 25 प्रतिशत राशि निर्माण पूर्ण होने और कब्जा सौंपने से पहले ली जाएगी.
सरकारी संस्थानों के लिए 107 फ्लैट्स रिजर्व
इस प्रोजेक्ट में 107 फ्लैट्स बल्क अलॉटमेंट के लिए अलग रखे गए हैं. इन पर केंद्र एवं राज्य सरकार के विभाग, विश्वविद्यालय, पीएसयू और स्वायत्त संस्थान आवेदन कर सकते हैं.
डिजिटल पोर्टल पर नजरें, DDA को बेहतर रिस्पॉन्स की उम्मीद
डायरेक्ट सेल मॉडल अपनाने के बाद डीडीए को भरोसा है कि इस बार खरीदारों की दिलचस्पी बढ़ेगी. कड़कड़डूमा जैसे उभरते रिहायशी क्षेत्र में यह स्कीम मिडिल क्लास और निवेशकों दोनों के लिए अहम मौका साबित हो सकती है.
Source: IOCL






















