Viral Video: RJD के 'लाठीबाज' विधायक की दबंगई, अदने से कर्मी पर गरजे, कहा- मारते लाठी देह तोड़ देंगे
वायरल वीडियो के संबंध में आरजेडी विधायक सुदय यादव ने कहा कि कई बार शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है. ऐसे में वो मकर संक्रांति के बाद कलम और लाठी दोनों का प्रयोग करेंगे.

पटना: "ढेर अल-बल बोले तो बुखार छुड़ा देंगे! मारते लाठी देह हाथ तोड़ देंगे!" अब आप सोच रहे होंगे कि ये क्या है? तो बता दें कि ये बोल हैं जहानाबाद से आरजेडी के 'लाठीबाज' विधायक सुदय यादव (Suday Yadav) के, जिनका जहानाबाद प्रखंड कार्यालय में एक अदने से कर्मी को हड़काने का वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में आरजेडी विधायक एक कर्मी को कहते हुए दिख रहे हैं, " अगर किसी ने अल-बल बोला तो बुखार छोड़ा देंगे." ये बोलकर जब वो कमरे से बाहर निकलने लगते हैं, तो उनका एक शख्स पैर छूता है. लेकिन वे उसे नजरंदाज कर देते हैं.
जानें क्या है पूरा मामला?
वहीं, बाहर निकलने से पहले वे एक और कर्मचारी को धमकी देते हुए कहते हैं, "आपको भी बोल दे रहे हैं." फिर भी जब उनका मन नहीं भरा तो बाहर निकलते ही उन्होंने कहा, "मार के लाठी से देह-हाथ तोड़ देंगे." दरअसल, आरजेडी विधायक एक आम आदमी की शिकायत पर जहानाबाद प्रखंड कार्यालय पहुंचे थे. जहां उन्होंने काम में टाल मोटल करने के आरोपित कर्मी को जमकर फटकार लगाई. हालांकि, इस दौरान कर्मी दस्तावेज में कमी होने की बात कहते हुए सफाई देता रहा. लेकिन विधायक उस पर बरसते रहे. इधर, शिकायत लेकर पहुंचा शख्स अपनी बातें कहता रहा.
ये हैं RJD के ‘लाठीबाज’ जहानाबाद के विधायक सुदय यादव. सफेद कुर्ता-पायजामा और ऊपर से बंडी. अदने से कर्मचारी पर झाड़ा रुआब. कहा- कोई कर्मचारी किसी व्यक्ति से अल-बल बोला तो बुखार छोड़ा देंगे. मार के लाठी से देह-हाथ तोड़ देंगे.वीडियो जहानाबाद के प्रखंड कार्यालय का है. pic.twitter.com/nSePqJmJs9
— Prakash Kumar (@kumarprakash4u) January 11, 2022
क्या कहते हैं विधायक ?
आरजेडी विधायक सुदय यादव ने इस संबंध में कहा कि वे मकर संक्रांति के बाद कलम और लाठी दोनों का प्रयोग करेंगे. उनका यह भी कहना है वे कार्यालयों के भ्र्ष्टाचार से तंग आचुके हैं. कई बार शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है. बहरहाल, आरजेडी विधायक के कारनामे के बाद लोगों के बीच चर्चा है कि क्या फिर से आरजेडी का लाठी राज चलेगा या सीएम नीतीश के कानून का?
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Source: IOCL






















