SIR पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद JDU की पहली प्रतिक्रिया, 'अब विपक्ष को…'
Supreme Court Decision on SIR: एसआईआर पर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. फैसला आने के बाद एनडीए के नेता विपक्ष पर हमलावर हैं. इसी क्रम में जेडीयू नेता राजीव रंजन का बयान आया है.

एसआईआर (SIR) को लेकर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने आज (बुधवार) बड़ा फैसला सुनाया. कोर्ट की ओर से कहा गया कि एसआईआर की प्रक्रिया में कोई खामी नहीं है. चुनाव आयोग ने अपनी शक्तियों का इस्तेमाल किया है. प्रक्रिया को गैर-संवैधानिक करार नहीं दे सकते हैं. सुप्रीम कोर्ट की इस टिप्पणी के बाद अब नीतीश कुमार (Nitish Kumar) की पार्टी जेडीयू (JDU) की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है.
जेडीयू नेता राजीव रंजन ने कहा, "सुप्रीम कोर्ट ने एसआईआर पर फैसला दे दिया है. अब विपक्ष को एसआईआर को लेकर सवाल खड़ा करने का काम बंद कर देना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जनसंख्या में वृद्धि और पलायन इन दो वजहों से एसआईआर बेहद महत्वपूर्ण है. एसआईआर की प्रक्रिया पूरी सही दिशा में है और आगे भी ये जारी रहे."
जेडीयू नेता ने विपक्ष को दी चुप रहने की सलाह
उन्होंने आगे कहा, "मुझे लगता है कि इस फैसले के बाद विपक्ष की बोलती बंद होनी चाहिए. उन्हें एसआईआर की प्रक्रिया पर सवाल खड़े करने से अब खुद को चुप रखना चाहिए."
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नीरज कुमार ने भी विपक्ष को घेरा
जेडीयू के नेता और पार्टी के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने भी एसआईआर पर बड़ी बात कही है. उन्होंने विपक्ष को घेरते हुए कहा, "विपक्ष के जो नेता हैं एसआईआर को एक राजनीतिक मुद्दा बता रहे हैं, जनता का जनादेश एसआईआर पर हुआ चाहे वह बिहार हो या बंगाल… चुनाव आयोग पर लगातार राजनीतिक हमले हो रहे हैं... संवैधानिक संस्थाओं के दिशा-निर्देश पर राजनीतिक टिप्पणी की जा रही थी... तो एसआईआर एक सतत् प्रक्रिया है… अब तो सुप्रीम कोर्ट की मुहर लग गई."
नीरज कुमार ने कहा कि अब विपक्ष को बताना चाहिए कि एसआईआर से परहेज क्यों है? एसआईआर से आपको मतभेद क्यों है? एसआईआर से मनभेद क्यों है? अब देखना होगा कि विपक्ष की ओर से क्या कुछ बयान आगे सामने आते हैं.
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Source: IOCL


























