पीएम मोदी के फास्ट ट्रैक कोर्ट के ऐलान पर मल्लिकार्जुन खरगे का बड़ा बयान, बोले- 'आपने ही सबसे ज्यादा...'
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर छात्रों और युवाओं के मुद्दे को लेकर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के कार्यकाल में शिक्षा व्यवस्था कमजोर हुई है.

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर छात्रों के मुद्दे को लेकर तीखा हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के दौरान देश की शिक्षा व्यवस्था कमजोर हुई है और युवाओं की आवाज दबाने के लिए उन पर लाठीचार्ज, पेलेट गन और बल प्रयोग किया गया. खरगे ने कहा कि युवाओं को भाषण या छोटे-छोटे ऐलानों की नहीं, बल्कि ठोस फैसलों की जरूरत है. उन्होंने सरकार से तीन मांगें भी दोहराईं और कहा कि छात्रों को न्याय मिलना चाहिए.
'आपके कार्यकाल में शिक्षा व्यवस्था कमजोर हुई'
मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में देश की शिक्षा व्यवस्था कमजोर हो गई है. उन्होंने कहा कि देश को खोखले वादों या छोटे-छोटे ऐलानों की जरूरत नहीं है, बल्कि ऐसी नीतियों की जरूरत है जो युवाओं का भविष्य सुरक्षित कर सकें.
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'युवाओं पर लाठीचार्ज और बल प्रयोग किया गया'
खरगे ने आरोप लगाया कि सरकार ने छात्रों और युवाओं के खिलाफ लाठीचार्ज कराया, पेलेट गन का इस्तेमाल किया और शॉक बैटन से हमला कराया. उन्होंने कहा कि युवाओं के साथ ऐसा व्यवहार किया गया, मानो वे इस देश के अपने बच्चे ही न हों. कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री से कहा कि वे वातानुकूलित कमरों से बाहर निकलें और उन युवाओं की आंखों में देखें, जो सड़कों पर घायल हुए और अपने भविष्य की लड़ाई लड़ रहे हैं.
सरकार के सामने रखीं तीन मांगें
मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि देश के युवा सिर्फ तीन मांगें कर रहे हैं. पहली, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत पद से हटाया जाए. दूसरी, छात्रों पर हुई कार्रवाई और कथित अत्याचार के लिए सरकार सार्वजनिक रूप से माफी मांगे. तीसरी, जिन छात्रों को निशाना बनाया गया, उन्हें न्याय दिया जाए.
'शिक्षा व्यवस्था पर आरएसएस का कब्जा'
खरगे ने आरोप लगाया कि देश की शिक्षा व्यवस्था पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का कब्जा हो गया है. उन्होंने कहा कि युवाओं में बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है. उनके मुताबिक पीएलएफएस (PLFS) के आंकड़ों के अनुसार युवाओं में बेरोजगारी दर 29 प्रतिशत तक पहुंच गई है. उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र में पर्याप्त नौकरियां नहीं हैं, सरकारी स्थायी नौकरियां बहुत कम हैं और संविदा पर भर्ती का चलन तेजी से बढ़ रहा है. ऐसे में युवाओं के सामने भविष्य को लेकर गंभीर संकट खड़ा हो गया है.
'युवा अपना भविष्य मांगने कहां जाएं?'
कांग्रेस अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि जब रोजगार के अवसर लगातार कम हो रहे हैं और शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं, तो युवा अपना भविष्य मांगने आखिर कहां जाएं. उन्होंने कहा कि सरकार को युवाओं की आवाज सुननी चाहिए और उनकी मांगों पर गंभीरता से फैसला लेना चाहिए.
प्रधानमंत्री ने क्या कहा था?
मल्लिकार्जुन खरगे का यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस घोषणा के बाद आया, जिसमें उन्होंने कहा कि देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. प्रधानमंत्री ने कहा कि पेपर लीक के मामलों में दोषियों को जल्द और कड़ी सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाएगा. उन्होंने संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने की बात भी कही. प्रधानमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों के हितों की रक्षा के लिए सरकार लगातार फैसले ले रही है और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा.























