राजगीर में पहली बार रणजी ट्रॉफी, 11 अक्टूबर से बिहार-यूपी में मुकाबला
राजगीर में 11 अक्टूबर से पहली बार रणजी ट्रॉफी मैच होगा. बिहार और यूपी की टीमें आमने-सामने होंगी. निर्माण कार्य के चलते पहले मैच में दर्शकों को स्टेडियम में प्रवेश नहीं मिलेगा.

नालंदा के राजगीर में 11 अक्टूबर से पहली बार रणजी ट्रॉफी का मुकाबला खेला जाएगा. नवनिर्मित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में बिहार और उत्तर प्रदेश की टीमें आमने-सामने होंगी. चार दिवसीय यह मैच 14 अक्टूबर तक चलेगा. खास बात यह है कि स्टेडियम में होने वाले इस पहले रणजी मुकाबले को देखने के लिए दर्शकों को प्रवेश नहीं मिलेगा. निर्माण कार्य पूरा नहीं होने के कारण सुरक्षा के मद्देनजर यह फैसला लिया गया है.
पटना के मोइनुल हक स्टेडियम में पुनर्निर्माण का काम चल रहा है. इसी वजह से इस सीजन बिहार के घरेलू रणजी मैच राजगीर में खेले जा रहे हैं. बिहार यहां तीन घरेलू मुकाबले खेलेगा. यूपी के बाद 17 से 20 जनवरी 2027 तक जम्मू-कश्मीर और 24 से 27 जनवरी तक विदर्भ की टीम राजगीर में उतरेगी.
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एलीट ग्रुप में बिहार की कड़ी परीक्षा
पिछले सीजन में प्लेट ग्रुप का खिताब जीतकर बिहार ने एलीट ग्रुप में जगह बनाई है. अब टीम के सामने मजबूत प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ खुद को साबित करने की चुनौती है. बिहार-यूपी मुकाबले में उत्तर प्रदेश के रिंकू सिंह और बिहार के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी पर खास नजर रहेगी.
प्रशासन ने परखी स्टेडियम की तैयारियां
मुकाबले से पहले प्रशासनिक अधिकारियों ने मैदान, पिच, ड्रेसिंग रूम, वीआईपी लाउंज, खिलाड़ियों के आवासन, भोजन और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया. दर्शक दीर्घा में अभी फिनिशिंग और निर्माण कार्य चल रहा है. इसी कारण पहले मैच में दर्शकों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है. निर्माण पूरा होने के बाद आगे के मुकाबलों में दर्शकों की एंट्री को लेकर फैसला होगा.
1,121 करोड़ की लागत से तैयार हुआ खेल परिसर
करीब 90 एकड़ में विकसित हो रहे इस खेल परिसर का मुख्य स्टेडियम 72,843 वर्गमीटर में फैला है. इसमें 40 से 45 हजार दर्शकों के बैठने की क्षमता होगी. परियोजना की शुरुआत 12 अक्टूबर 2018 को हुई थी और इसकी संशोधित लागत 1,121.41 करोड़ रुपये पहुंच चुकी है. स्टेडियम में छह विशेष पिचें तैयार की गई हैं. इनमें महाराष्ट्र की लाल मिट्टी और पश्चिम बंगाल की घास का इस्तेमाल किया गया है.
बारिश और डे-नाइट मैच की भी सुविधा
मैदान में बारिश के पानी की तुरंत निकासी के लिए आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम और परफोरेटेड पाइप लगाए गए हैं. डे-नाइट मैचों के लिए हाईमास्ट फ्लडलाइट्स और आधुनिक स्कोरबोर्ड भी लगाए गए हैं. खिलाड़ियों और अतिथियों के लिए जी-प्लस फाइव पैवेलियन बनाया गया है. परिसर में छह स्पोर्ट्स हॉल, हॉकी अभ्यास मैदान और हॉस्टल ब्लॉक भी तैयार किए जा रहे हैं.
बिहार की टीम चार बाहरी मुकाबले भी खेलेगी. 18 से 21 अक्टूबर तक वडोदरा, 26 से 29 अक्टूबर तक इंदौर में, 2 से 5 नवंबर तक पणजी में और 1 से 4 फरवरी 2027 तक पुडुचेरी में मुकाबला होगा. राजगीर में रणजी मैचों की शुरुआत से स्थानीय खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलने और बिहार में खेल पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
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