बिहार के ‘डस्टबिन घोटाले’ पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार से मांगा जवाब
बिहार के सरकारी अस्पतालों में महंगे डस्टबिन और बायोडिग्रेडेबल बैग की कथित खरीद का मामला हाईकोर्ट पहुंचा है. याचिका पर कोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा और 19 नवंबर को सुनवाई होगी.

बिहार के सरकारी अस्पतालों में बायो मेडिकल वेस्ट के निस्तारण के लिए उपकरणों और डस्टबिन की कथित महंगी खरीद का मामला पटना हाईकोर्ट पहुंच गया है. मामले में दायर लोकहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है. अदालत ने सरकार को जवाबी हलफनामा दाखिल कर याचिका में उठाए गए सवालों का जवाब देने का निर्देश दिया है. मामले की अगली सुनवाई 19 नवंबर को होगी.
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति वी. कामेश्वर राव और न्यायमूर्ति हरीश कुमार की खंडपीठ ने कौशलेश कुमार की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई की. याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता संजीव कुमार मिश्र ने अदालत को बताया कि बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड (BMSICL) ने सरकारी अस्पतालों के लिए 75 और 45 लीटर के माइक्रोवेव डस्टबिन और बायोडिग्रेडेबल बैग की आपूर्ति के लिए टेंडर जारी किया था.
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1550 के डस्टबिन की 15490 में खरीद का दावा
याचिका में आरोप लगाया गया है कि 75 लीटर के एक माइक्रोवेव डस्टबिन की खरीद 15,490 रुपये में की गई, जबकि बाजार कीमत करीब 1,550 रुपये बताई गई है. इसी तरह 45 लीटर का डस्टबिन 11,474 रुपये में खरीदे जाने का दावा है, जबकि इसकी बाजार कीमत करीब 1,162 रुपये बताई गई.
बैग की कीमत पर भी उठाए सवाल
याचिका में बायोडिग्रेडेबल बैग की खरीद को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं. दावा किया गया कि 75 लीटर का बैग 98 रुपये और 45 लीटर का बैग 69 रुपये में खरीदा गया, जबकि इनकी सामान्य बाजार कीमत क्रमश: करीब 8.50 रुपये और 5.75 रुपये बताई गई है. निविदा लखनऊ की कंपनी एसएस मेडिकल सिस्टम को दिए जाने की बात कही गई है.
57 ऑर्डर जारी होने का दावा
याचिकाकर्ता के मुताबिक, जून 2024 से 18 अप्रैल 2026 के बीच खरीद के लिए 57 ऑर्डर जारी किए गए. टेंडर प्रक्रिया में सात कंपनियों ने हिस्सा लिया था. याचिका में खरीद प्रक्रिया और कीमतों को लेकर सवाल उठाए गए हैं. हाईकोर्ट ने फिलहाल सरकार से जवाब मांगा है और अगली सुनवाई के लिए 19 नवंबर की तारीख तय की है.
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