NEET पेपर लीक: पप्पू यादव ने केंद्र से कर दी 2 बड़ी मांग, 'सभी सरकारी परीक्षाओं से…'
NEET Paper Leak Case: पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि इस पूरे शिक्षा माफिया के खेल में सत्ताधारी दल के कई बड़े नेता और रसूखदार लोग शामिल हैं. उन्हें बचाने के लिए जांच की दिशा को भटकाया जा रहा है.

नीट (यूजी) पेपर लीक मामले पर पूर्णिया सांसद पप्पू यादव (Pappu Yadav) ने केंद्र सरकार से दो बड़ी मांग की है. मंगलवार (19 मई, 2026) को उन्होंने पूर्णिया में प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने पेपर लीक मामले को "धरती का सबसे बड़ा घोटाला" करार दिया. साथ ही इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की.
सांसद पप्पू यादव का कहना है कि नीट जैसी परीक्षाओं के कारण गरीब, दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक समाज के प्रतिभावान बच्चों का भविष्य बर्बाद हो रहा है. उनकी पहली मांग है कि मेडिकल कॉलेजों में दाखिला सीधे 12वीं (इंटरमीडिएट) के अंकों और रैंकिंग के आधार पर होना चाहिए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे.
दूसरी मांग ये है कि देश में नौकरियों और अन्य क्षेत्रों में होने वाले इंटरव्यू भ्रष्टाचार का गढ़ बन चुके हैं. इंटरव्यू में जाति, धर्म और पैसे के आधार पर पक्षपात होता है, जिससे गरीब और बिना पैरवी वाले बच्चे पीछे छूट जाते हैं, इसलिए सभी सरकारी परीक्षाओं से इंटरव्यू को पूरी तरह समाप्त कर देना चाहिए.
सीबीआई को केस दिए जाने पर भी जताई नाराजगी
नीट पेपर लीक मामले की जांच सीबीआई कर रही है. कई लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है. इस पर पप्पू यादव ने कहा कि जब भी कोई बड़ा मामला सामने आता है तो सरकार उसे दबाने और रफा-दफा करने के लिए सीबीआई को सौंप देती है. इतिहास गवाह है कि कई बार सीबीआई जांच हुई लेकिन किसी बड़े दोषी को कड़ी सजा नहीं मिल पाई है.
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पप्पू यादव ने की शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
सांसद पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि इस पूरे शिक्षा माफिया के खेल में सत्ताधारी दल के कई बड़े नेता और रसूखदार लोग शामिल हैं, जिन्हें बचाने के लिए जांच की दिशा को भटकाया जा रहा है. उन्होंने नीट पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की भी मांग की है.
आगे पप्पू यादव ने कहा कि इस धांधली और मानसिक तनाव के कारण अब तक चार मासूम छात्रों ने आत्महत्या कर ली है. उन्होंने इसे सीधे तौर पर 'हत्या' बताते हुए मांग की है कि इस मामले में शामिल दोषियों और शिक्षा माफियाओं के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज होना चाहिए. उन्होंने आगामी संसद सत्र में एक कड़ा बिल लाने की बात कही, जिसमें दोषियों को कम से कम 30 साल की सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान हो.
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