Bihar News: प्रशांत किशोर का नीतीश कुमार पर हमला, बोले- 'पैसे के दम पर जीता चुनाव, नए CM को...'
Prashant Kishor News: प्रशांत किशोर ने सीएम नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने को लेकर तल्ख टिप्पणी की. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में सरकार ने हर विधानसभा क्षेत्र में करोड़ों खर्च कर वोट खरीदे हैं

जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर शनिवार (28 मार्च) को बांका पहुंचे, जहां उन्होंने 'बिहार नवनिर्माण अभियान' के तहत संगठन की मजबूती और भविष्य की चुनावी रणनीति पर बड़ा बयान दिया. बांका के सर्किट हाउस के पास स्थित होटल मधुवन विहार में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पीके ने साफ कर दिया कि आने वाले महीने बिहार की राजनीति में जन सुराज के विस्तार के लिए निर्णायक होंगे. उन्होंने नीतीश कुमार को भी घेरा साथ ही कहा कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री जो भी बने, उसके लिए प्राथमिकता बिहार का विकास नहीं, बल्कि गुजरात की चिंता होगी.
जुलाई से शुरू होगा महा-सदस्यता अभियान- प्रशांत किशोर
प्रशांत किशोर ने आगामी तीन महीने (अप्रैल, मई और जून) का रोडमैप पेश करते हुए कहा कि इस दौरान पूरे राज्य में संगठन को फिर से पुनर्गठित किया जाएगा. इसके ठीक बाद जुलाई महीने से पूरे बिहार में बड़े पैमाने पर राज्य स्तरीय जन सुराज सदस्यता अभियान चलाया जाएगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि गांधी भितिहरवा आश्रम में किए गए उपवास के दौरान यह तय हुआ था कि नई सरकार को अपने वादों को पूरा करने के लिए 6 महीने का समय दिया जाएगा, जिसके बाद जन सुराज के कार्यकर्ता घर-घर जाकर जनता के बीच अपनी बात रखेंगे.
प्रशांत किशोर का नीतीश कुमार पर तीखा तंज
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चाओं पर पीके ने बेहद तल्ख टिप्पणी की. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, ''इस चुनाव में सरकार ने हर विधानसभा क्षेत्र में 60 से 70 करोड़ रुपए खर्च कर वोट खरीदे हैं. 202 विधायकों के भारी-भरकम समर्थन के बावजूद अगर नीतीश कुमार को 3 महीने के अंदर ही मुख्यमंत्री पद छोड़ना पड़ रहा है, तो यह साबित करता है कि उनकी जीत जनता की लोकप्रियता की नहीं थी. यह पैसे और चुनाव आयोग की मदद से तैयार किया गया एक 'मैन्युफैक्चर्ड' (बनावटी) परिणाम है.''
अगले सीएम को बिहार की नहीं, गुजरात की चिंता होगी- PK
बिहार के भविष्य और नए मुख्यमंत्री को लेकर प्रशांत किशोर ने एक नया विवाद छेड़ दिया है. उन्होंने कहा कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री जो भी बने, उसके लिए प्राथमिकता बिहार का विकास नहीं, बल्कि गुजरात की चिंता होगी. पीके ने आरोप लगाया कि नए मुख्यमंत्री की सबसे बड़ी फिक्र यह होगी कि गुजरात की फैक्ट्रियों में काम करने वाले बिहारी मजदूरों की कमी न होने पाए.
5 सालों का लंबा प्लान- प्रशांत किशोर
प्रशांत किशोर ने कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाया कि यह अभियान केवल तात्कालिक नहीं है, बल्कि अगले 5 वर्षों तक प्रभावी ढंग से चलाने के लिए वे खुद हर जिले का दौरा कर संगठन को धार दे रहे हैं. बांका में हुई इस बैठक में जिले के वरिष्ठ नेताओं और सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया, जहां पीके ने जमीनी स्तर पर पकड़ बनाने का मंत्र दिया.
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