‘जिस सनातन ने लोगों को बांटा...’, विधानसभा में उदयनिधि स्टालिन के बिगड़े बोल, जानें CM विजय के सामने क्या कहा?
Tamil Nadu Assembly: नेता विपक्ष उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि डीएमके ताकतवर पार्टी भी बनेगी. हम सत्तारूढ़ पार्टी हों या विपक्ष में बैठे हों, मैं चाहता हूं कि हम तमिलनाडु की भलाई के लिए मिलकर काम करे.

तमिलनाडु के पूर्व उपमुख्यमंत्री और अब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन ने एक बार फिर से सनातन धर्म के प्रति जहर उगला है. उन्होंने सनातन विरोधी मुद्दे को फिर से उठाते हुए इसे खत्म करने की अपनी मांग को भी दोहराया है. उन्होंने कहा कि सनातन, जिसने लोगों को बांटा है, उसे खत्म कर देना चाहिए.
उन्होंने यह सनातन विरोधी बयान किसी राजनीतिक सभा या कार्यक्रम के मंच से नहीं, बल्कि तमिलनाडु की विधानसभा के पटल पर मंगलवार (12 मई, 2026) को अपना संबोधन देते हुए दिया. जब वह विधानसभा के अंदर यह कह रहे थे, उस वक्त तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय भी सदन में मौजूद थे.
विधानसभा में क्या बोले उदयनिधि स्टालिन?
VIDEO | Chennai, Tamil Nadu: "Sanathanam that divides people should be abolished," says LoP Udhayanidhi Stalin.
— Press Trust of India (@PTI_News) May 12, 2026
Source: Third Party
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/uHH7CEQmeP
तमिलनाडु विधानसभा में बतौर नेता विपक्ष संबोधन देते हुए उदयनिधि ने कहा, ‘मेरा नेता विपक्ष के रूप में यह पहला मौका है. मैं अन्नादुरई, कलैगनार, डीएमके पार्टी चीफ और पूर्व सीएम एमके स्टालिन को धन्यवाद देता हूं, जिन्होंने भारत के लिए एक मिसाल कायम की. डीएमके सिर्फ एक विपक्षी पार्टी ही नहीं, बल्कि एक ताकतवर पार्टी भी बनेगी. चाहे हम सत्तारूढ़ पार्टी हों या विपक्ष में बैठे हों, मैं चाहता हूं कि हम तमिलनाडु की भलाई के लिए मिलकर काम करे.’
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डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन ने सदन में अपने संबोधन में कहा, ‘मैं एक बार फिर नई सरकार को, जो हमारे गठबंधन दलों के उन विधायी सदस्यों के समर्थन से बनी है, जिन्होंने द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (DMK) के नेतृत्व में चुनाव लड़ा और जीता और मैं माननीय मुख्यमंत्री को अपनी शुभकामनाएं देता हूं. मैं इस विधानसभा के माननीय अध्यक्ष और माननीय उपाध्यक्ष के प्रति अपना आभार व्यक्त करता हूं. आपके प्रयास सफल हों. मैं अपनी शुभकामनाएं दोहराता हूं. तमिल अमर रहे! तमिलनाडु अमर रहे! लोगों को बांटने वाली परंपरा को निश्चित रूप से खत्म कर देना चाहिए.’
2023 में भी उदयनिधि ने दिया था सनातन विरोधी बयान
डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन ने इससे पहले साल 2023 में भी सनातन विरोधी बयान दिया था, जिसके बाद काफी ज्यादा बवाल मच गया था. उन्होंने तब सनातन धर्म की तुलना डेंगू-मलेरिया से की थी और कहा था कि जिस तरह इन बीमारियों को मिटाना चाहिए, उसी तरह सनातन धर्म को भी खत्म किया जाना चाहिए. इस मामले में उनके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया था और अब उन्होंने एक बार फिर से ये बयान दिया है.
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