नीट यूजी परीक्षा रद्द होने पर आ गया सांसद पप्पू यादव का बयान, खूब सुनाया, 'जो सरकार..'
NEET UG Exam 2026 Cancelled: पप्पू यादव ने कहा कि सरकार अपनी हिस्सेदारी लेकर चैन से सोती है और बच्चे भ्रष्टाचार की जननी सरकार के कुकर्म का खामियाजा भुगत रहे हैं. पढ़िए और क्या कहा है.

बीते तीन मई को हुई नीट यूजी की परीक्षा रद्द कर दी गई है. पेपर लीक के कारण यह फैसला लिया गया है. परीक्षा रद्द होने के बाद से विपक्ष के नेता सरकार पर हमला बोल रहे हैं. इसी क्रम में बिहार के पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव (Pappu Yadav) की भी प्रतिक्रिया आई है.
मंगलवार (12 मई, 2026) को सांसद पप्पू यादव ने अपने एक्स हैंडल से पोस्ट करते हुए सरकार को घेरा. कहा, "जो सरकार एक NEET परीक्षा सही से नहीं करवा सकती है वह भ्रष्टाचार पर वार की बात करती है, अत्यंत हास्यास्पद है. मोदी सरकार ने NEET परीक्षा को माफियाओं को बेच दिया है! उसमें अपनी हिस्सेदारी लेकर चैन से सोती है, हमारे बच्चे भ्रष्टाचार की जननी सरकार के कुकर्म का खामियाजा भुगत रहे हैं!"
जो सरकार एक NEET परीक्षा सही से
— Pappu Yadav (@pappuyadavjapl) May 12, 2026
नहीं करवा सकती है!
वह भ्रष्टाचार पर वार की बात करती है
अत्यंत हास्यास्पद है, मोदी सरकार ने
NEET परीक्षा, माफियाओं को बेच दिया है!
उसमें अपनी हिस्सेदारी लेकर चैन से सोती है
हमारे बच्चे भ्रष्टाचार की जननी सरकार के
कुकर्म का खामियाजा भुगत रहे हैं!
मुकेश सहनी बोले- लाखों छात्रों की मेहनत के साथ खिलवाड़
दूसरी ओर इस मामले में विकासशील इंसान पार्टी के संस्थापक और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने कहा कि यह परीक्षा रद्द होना केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है. उन्होंने कहा कि लाखों छात्रों की मेहनत, मानसिक दबाव और भविष्य के साथ लगातार खिलवाड़ अब एक सामान्य बात बनती जा रही है.
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मुकेश सहनी ने कहा कि पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताओं के बाद परीक्षा रद्द करने का फैसला यह साबित करता है कि सरकार देश की परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने में पूरी तरह विफल रही है. उन्होंने कहा कि यह पहला मामला नहीं है. इससे पहले भी नीट 2024 में पेपर लीक और ग्रेस मार्क्स विवाद ने छात्रों को सड़कों पर उतरने को मजबूर किया था. इसके अलावा भी कई राज्यों में भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक होने और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली के आरोप लगातार सामने आते रहे हैं. बार-बार एक जैसी घटनाएं होना इस बात का प्रमाण है कि सरकार ने अब तक कोई ठोस और जवाबदेह व्यवस्था तैयार नहीं की है.
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