'सरकारी पैसे के दुरुपयोग का नमूना देखिए', मंत्री संजय सिंह के 'फोटो वाले कैलेंडर' पर RJD का तंज
Bihar News In Hindi: RJD ने PHED मंत्री संजय सिंह पर विभागीय कैलेंडर में परिवार की तस्वीरें लगाने को लेकर हमला बोला है, इसे सरकारी पैसे के दुरुपयोग का मामला बताया जा रहा है.

बिहार की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है. राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए बिहार सरकार के लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) मंत्री संजय सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं. पार्टी ने मंत्री के विभागीय कैलेंडर को लेकर सवाल उठाए हैं और इसे सरकारी पैसे के दुरुपयोग का उदाहरण बताया है.
कैलेंडर में परिवार की तस्वीरों पर आपत्ति
RJD का कहना है कि PHED विभाग के आधिकारिक कैलेंडर में मंत्री संजय सिंह ने अपने परिवार और बच्चों की तस्वीरें लगवाई हैं. पार्टी ने सवाल किया कि आखिर एक सरकारी कैलेंडर में निजी तस्वीरों का क्या काम है? RJD ने इसे सरकारी संसाधनों का निजी इस्तेमाल बताते हुए निशाना साधा है.
अपने पोस्ट में RJD ने तंज कसते हुए कहा कि यह समझ पाना मुश्किल है कि यह बिहार सरकार के मंत्रालय का कैलेंडर है या मंत्री जी की निजी फैक्ट्री का. पार्टी ने आरोप लगाया कि मंत्री ने इस माध्यम से खुद का महिमामंडन करने की कोशिश की है, जो कि गलत परंपरा को बढ़ावा देता है.
सरकारी पैसे का कैसे दुरुपयोग होता है इसका नमूना देख लीजिए!
— Rashtriya Janata Dal (@RJDforIndia) March 25, 2026
बिहार सरकार के PHED मंत्री संजय सिंह अपने विभाग के कैलेंडर में अपने परिवार और बच्चों की फ़ोटो लगवाकर क्या साबित करना चाहते हैं?
ये बिहार सरकार के मंत्रालय का कैलेंडर है या मंत्री जी की निजी फैक्टरी का कैलेंडर?… pic.twitter.com/ZBFw8NuImV
PM मोदी और CM नीतीश से तुलना
RJD ने अपने बयान में यह भी कहा कि इस मामले में मंत्री संजय सिंह ने खुद के प्रचार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी पीछे छोड़ दिया है. पार्टी का आरोप है कि इस तरह के कदम सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े करते हैं.
RJD ने इस मुद्दे को आगे बढ़ाते हुए कहा कि जब कोई पार्टी जमीनी कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज कर धन्ना सेठों को रेवड़ियों की तरह मंत्रालय बांटती है, तो ऐसे ही हालात सामने आते हैं. पार्टी ने सरकार की कार्यशैली पर भी निशाना साधा.
इस पूरे विवाद पर अभी तक मंत्री संजय सिंह या सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. हालांकि, सोशल मीडिया पर यह मुद्दा तेजी से वायरल हो रहा है और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है.























