डिप्टी CM सम्राट चौधरी के दावे को चुनौती, पटना मीणा बाजार में माफिया का खौफ, दुकानदार बोले- कहां जाएं हम?
Patna News: मीणा बाजार, पटना के 110 दुकानदार भू-माफियाओं के आतंक से जूझ रहे हैं. दशकों से दुकान चला रहे व्यापारियों को बेदखली और झूठे मुकदमों का सामना करना पड़ रहा है.

बिहार में नई सरकार के गठन के बाद गृह मंत्रालय की कमान संभालते ही उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ऐलान किया था कि 'अपराधी और भू-माफिया 3 महीने के भीतर बिहार छोड़ दें.' लेकिन राजधानी पटना के वीवीआईपी इलाके अशोक राजपथ स्थित पटना मार्केट (मीणा बाजार) से जो तस्वीर सामने आई है, वह सरकार के दावों पर सवालिया निशान लगा रही है. यहां के करीब 110 दुकानदार भू-माफियाओं के डर से आंसू बहा रहे हैं और सरकार से अपनी रोजी-रोटी बचाने की भीख मांग रहे हैं.
मीणा बाजार एसोसिएशन के दुकानदारों के मुताबिक, यह पूरा विवाद प्लॉट नंबर 262 की 30 कट्ठा जमीन से जुड़ा है. जमींदारी उन्मूलन के बाद सरकार को इस पूरी जमीन का अधिग्रहण करना था, जिस पर सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) की भी मुहर है. सरकार ने अब तक केवल 20 कट्ठा जमीन का ही अधिग्रहण किया है, जिस पर मुख्य पटना मार्केट बना है. बाकी बची 10 कट्ठा जमीन पर मीणा बाजार स्थित है. दुकानदारों का आरोप है कि इसी जमीन पर भू-माफियाओं ने अवैध कब्जा कर रखा है और दशकों से उनसे किराया वसूल रहे हैं.
'65 साल के बुजुर्गों पर छेड़खानी का झूठा केस'
दुकानदारों ने मीडिया से बातचीत में अपना दर्द बयां करते हुए कहा, "हम 50 सालों से यहां दुकान चला रहे हैं. अब भू-माफिया निजी बाउंसरों और गुंडों के साथ आकर हमें धमकाते हैं. हद तो तब हो गई जब दुकान खाली कराने के लिए 62 और 65 साल के बुजुर्ग दुकानदारों पर छेड़खानी जैसे झूठे मुकदमे दर्ज करा दिए गए."
सरकारी फाइलों में उलझा सीमांकन
दुकानदार मोहम्मद इमरान ने बताया कि इस भूमि का मामला साल 2012 से न्यायालय में लंबित है. DCLR, पटना हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में से किसी ने भी इस 30 कट्ठा जमीन के क्षेत्रफल में कटौती का आदेश नहीं दिया है. इसके बावजूद, अब तक जमीन का आधिकारिक सीमांकन (Demarcation) नहीं किया गया, जिसका फायदा भू-माफिया उठा रहे हैं.
सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा से उम्मीद
दुकानदारों ने कहा कि उन्होंने पटना जिलाधिकारी (DM) से मुलाकात की है और उन्होंने सकारात्मक आश्वासन दिया है. लेकिन, अब उनकी आखिरी उम्मीद गृहमंत्री सम्राट चौधरी और राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा से है. दुकानदारों का कहना है कि यदि सरकार ने जल्द हस्तक्षेप नहीं किया, तो सैकड़ों परिवारों के सामने भुखमरी की स्थिति पैदा हो जाएगी.
















