बिहार: पश्चिम चंपारण में नाव हादसा, दो बच्चियां लापता, राहत अभियान जारी
West Champaran: पश्चिम चंपारण में क्षमता से अधिक भरी नाव अंधेरे में बड़ी नाव से टकराकर पलट गई. कई लोग बचाए गए, लेकिन दो बच्चियां लापता हैं. एसडीआरएफ और गोताखोर तलाशी में जुटे हैं.

बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में सोमवार (1 दिसंबर) देर शाम एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जिसने पूरे इलाके को दहशत और सदमे में डाल दिया. बैरिया ब्लॉक के कोइर पट्टी घाट के पास एक छोटी नाव अचानक पलट गई, जिसमें लगभग 15 लोग सवार थे. घटना इतनी तेजी से हुई कि लोग संभल भी नहीं पाए और सब नदी में गिर गए.
जानकारी के अनुसार, बैरिया निवासी अपने मवेशियों के लिए दियारा क्षेत्र से चारा काटकर घर लौट रहे थे. अंधेरा होने की वजह से दृश्यता बेहद कम थी और इसी दौरान यह दुर्घटना हुई. बताया जा रहा है कि क्षमता से ज्यादा लोगों से भरी नाव एक बड़ी नाव से टकरा गई, जिससे उसका संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गई.
हादसे के बाद दो बच्चियां अभी भी लापता
जानकारी के अनुसार, हादसे के तुरंत बाद चीख-पुकार मच गई. स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए नदी में कूदकर राहत अभियान शुरू कर दिया. कई पुरुषों और महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन दो बच्चियां अब भी लापता हैं. लापता बच्चियों की पहचान 17 वर्षीय पुनीता कुमारी, पुत्री धरम यादव, और 8 वर्षीय सुगी कुमारी, पुत्री रमेश यादव के रूप में हुई है.
सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंची और तलाशी अभियान शुरू किया. हालांकि, अंधेरा होने और नदी की गहराई अधिक होने के कारण अभियान में कई बाधाएं आ रही हैं. राहत दल ने बताया कि पूरी तरह डूबी हुई नाव अभी तक बरामद नहीं की जा सकी है, जिससे तलाशी और भी मुश्किल हो रही है.
क्षमता से अधिक लोग नाव में थे सवार
बैरिया थाना प्रभारी अनुज कुमार सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि नाव बहुत छोटी थी और उसमें 5-6 लोगों की क्षमता थी, जबकि 15 से अधिक लोग उस पर सवार हो गए थे. यही वजह दुर्घटना का मुख्य कारण हो सकती है. उन्होंने बताया कि दो बच्चियां डूब गई हैं और एसडीआरएफ की टीम लगातार उनकी खोज में जुटी है.
लापता बच्चियों के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल
स्थानीय लोगों ने बताया कि यात्री पखनाहा डुमरिया के वार्ड संख्या 11 और 8 के रहने वाले थे और सभी अपने घर लौट रहे थे. यह भी कहा गया कि नाव चालक ने कई बार मना करने के बावजूद अतिरिक्त लोगों को बैठने दिया, जिससे हादसा और भी गंभीर हो गया.
हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम का माहौल है. लापता बच्चियों के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि ग्रामीण सदमे में हैं और हादसे को लेकर गहरा आक्रोश भी व्यक्त कर रहे हैं. राहत और बचाव कार्य रातभर जारी रहने की उम्मीद है और सभी की निगाहें अब एसडीआरएफ की खोज पर टिकी हैं.
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Source: IOCL






















