'बुर्का, नकाब… पहनकर आना मना है', बिहार में ज्वेलरी शॉप के बाहर नोटिस, मचा सियासी बवाल
Bihar News: सर्राफा व्यवसायियों के निर्णय के बाद पटना के ज्यादातर दुकानदारों ने दुकान के आगे नोटिस लगा दिया है. दुकानदार इसे सराहनीय कदम बता रहे हैं. पढ़िए पूरी खबर.

कुछ दिनों पहले यूपी के झांसी में सर्राफा व्यवसायियों ने निर्णय लेते हुए बुर्का या हिजाब पहनकर ज्वेलरी शॉप में आने पर प्रतिबंध लगाया था. अब इसका असर बिहार में भी देखने को मिल रहा है. यहां के सर्राफा व्यवसायियों ने भी निर्णय लेते हुए दुकान के बाहर नोटिस लगाया है कि बुर्का, नकाब, मास्क, हेलमेट पहनकर दुकान में आना मना है. इस निर्णय के बाद बिहार में सियासी बवाल मच गया है.
ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन के बिहार अध्यक्ष अशोक कुमार वर्मा ने राज्य के सभी जिलाध्यक्षों संग मीटिंग की है. निर्णय लिया है कि कोई भी ग्राहक मास्क, हेलमेट, बुर्का या हिजाब पहनकर दुकान में आएगा तो उससे हटाना होगा. बताया जा रहा है कि यह निर्णय व्यापारियों ने सुरक्षा की दृष्टि से लिया है. इसकी जानकारी पटना के सेंट्रल एसपी को फोन से दे दी गई है.
अशोक कुमार वर्मा ने कहा कि ज्वेलरी शॉप में ग्राहक के रूप में ज्यादातर महिलाएं होती हैं, इसलिए उनके सम्मान का ध्यान रखते हुए उनसे ही अनुरोध किया जाएगा कि वे इसे हटा लें. मीटिंग में गोपालगंज, छपरा, डेहरी ऑनसोन, आरा, बक्सर, भागलपुर, गयाजी, सासाराम, मुजफ्फरपुर, मोतिहारी, औरंगाबाद, जहानाबाद, पटना, नवादा समेत अन्य जिलों के जिलाध्यक्ष शामिल थे.
क्यों लिया गया ये निर्णय?
अशोक कुमार वर्मा ने बताया कि कई ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं और चेहरा छिपे होने के कारण पुलिस को भी परेशानी होती थी. इसके चलते यह निर्णय लिया गया है. महिलाओं का हम सम्मान करते हैं, लेकिन उनसे अनुरोध करेंगे. सभी दुकानों में महिलाएं सेल्समैन भी होती हैं. इस अनुरोध को अगर कोई ठुकराता है तो सामान नहीं बेचेंगे. अभी सोने-चांदी का भाव ज्यादा बढ़ गया है, ऐसे में सुरक्षा के दृष्टिकोण से यह निर्णय लिया गया है. इसके लिए डीजीपी, मुख्य सचिव और गृह मंत्रालय को पत्र भेज दिया गया है.
इस निर्णय के बाद पटना के ज्यादातर दुकानदारों ने दुकान के आगे नोटिस लगा दिया है. पटना का बाकरगंज इलाका जो स्वर्ण व्यवसायी की मंडी मानी जाती है यहां सभी दुकानदारों ने नोटिस लगा दिया है. उन लोगों की मानें तो यह निर्णय सराहनीय है.
'जितनी जरूरी सुरक्षा उतनी ही जरूरी सम्मान'
इस फैसले पर असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता आदिल हसन ने कहा, "मैं स्वर्ण व्यवसायियों के निर्णय का स्वागत करता हूं, लेकिन यह मुस्लिम महिलाओं के सम्मान से जुड़ा मामला है तो मैं उन्हें एक यह बात जरूर कहूंगा कि आप यह निर्णय लाए हैं तो दुकानों में सेल्स गर्ल को ही रखें. क्योंकि जितनी जरूरी आपकी सुरक्षा है उतनी ही जरूरी महिलाओं का सम्मान भी है."
सोच-समझकर लें निर्णय: अंजुम आरा
जेडीयू की प्रवक्ता अंजुम आरा ने कहा कि सर्राफा व्यवसायियों ने अपनी दुकान के आगे बुर्का और हिजाब को लेकर इस तरह का पोस्टर चिपकाया है तो इससे बुर्का या हिजाब पहनने वाली महिलाओं को असहज महसूस होगा. इससे सर्राफा व्यवसायियों की बिक्री प्रभावित होगी. सोच-समझकर कोई निर्णय लें. क्योंकि मामला धर्म से जुड़ा है और हर धर्म में पहनने-खाने की आजादी है.
Source: IOCL






















