सेम टू सेम! लालू यादव के बेटे के बाद अब नीतीश कुमार के बेटे निशांत पहली बार बने हेल्थ मिनिस्टर
Bihar Politics: निशांत कुमार बिहार के नए स्वास्थ्य मंत्री बनाए गए हैं. आरजेडी ने परिवारवाद को लेकर बहस छेड़ दी है. जेडीयू और बीजेपी लालू यादव पर परिवारवाद के आरोप लगाती रही है.

बिहार सरकार में आखिरकार निशांत कुमार की एंट्री हो गई. लंबे समय तक राजनीति से दूर रहने वाले निशांत ने अपने पिता नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद सक्रिय राजनीति में कदम रखा. अब वो बिहार सरकार में मंत्री बन गए. निशांत कुमार को बिहार में स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी मिली है. वो बिहार के नए स्वास्थ्य मंत्री बनाए गए हैं. दिलचस्प है कि जब लालू यादव के बेटों की सरकार में एंट्री हुई थी जब नीतीश कुमार ने आरजेडी चीफ के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव को बिहार का स्वास्थ्य मंत्री नियुक्त किया था.
नवंबर 2015 में विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद जब नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री के तौर पर विभागों का बंटवारा किया तो तेजप्रताप यादव को स्वास्थ्य विभाग जैसी बड़ी जिम्मेदारी दी थी. उस समय तेजप्रताप यादव की उम्र 27 साल थी.
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निशांत के मंत्री बनने पर आरजेडी ने किया पलटवार
जेडीयू और बीजेपी लालू यादव पर परिवारवाद के आरोप लगाती रही है. लेकिन अब जब निशांत कुमार मंत्री बने हैं तो आरजेडी ने पलटवार करना शुरू कर दिया है. सोशल मीडिया पोस्ट में आरजेडी ने तंज करते हुए लिखा, "परिवारवाद पर आजीवन लेक्चर देने वाले कुर्सी कुमार के "सामाजिक जीवन में संघर्ष का लंबा इतिहास रखने वाले सुयोग्य सुपुत्र" को मंत्री पद की शुभकामनाएं!"
आरजेडी ने अपने एक्स पोस्ट में जो तस्वीर शेयर की उसमें लिखा है, "लगभग 500 वर्षों से जमीन पर संघर्ष कर रहे, जनता द्वारा चुने हुए, 140 करोड़ वोटों से जीतकर आने वाले निशांत कुमार जी को मंत्री बनने पर हार्दिक बधाई."
बता दें कि निशांत कुमार अभी बिहार के किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं. लेकिन अब जब वो मंत्री बन गए गए हैं तो नियम के तहत उन्हें छह महीने के भीतर किसी सदन का सदस्य बनना होगा.






















