VIDEO: CM योगी की पुलिस से भिड़ गए मुकेश सहनी, 'चूड़ी नहीं पहना हूं, सरकार रह चुका हूं'
Mukesh Sahani News: मुकेश सहनी ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश सरकार के इशारे पर पुलिस उनके कार्यक्रमों में व्यवधान उत्पन्न करने का प्रयास कर रही है. पढ़िए पूरी खबर.

वीआईपी के संस्थापक और पूर्व मंत्री मुकेश सहनी (Mukesh Sahani) ने उत्तर प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन पर अपने कार्यक्रम में अनावश्यक हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया है. महाराजगंज में प्रस्तावित रात्रि प्रवास कार्यक्रम से पहले गुरुवार (09 जुलाई) की देर रात पुलिस अधिकारियों द्वारा अनुमति और कार्यक्रम को लेकर पूछताछ किए जाने पर सीएम योगी की पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी से फोन पर तीखी बहस हो गई.
मुकेश सहनी ने फोन पर अधिकारी को बताया कि वे पिछले कई दिनों से उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों का दौरा कर रहे हैं. उनके रात्रि प्रवास के दौरान किसी होटल में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से मुलाकात तथा सामान्य चर्चा होती है. यह कोई सार्वजनिक सभा या भीड़ जुटाने वाला कार्यक्रम नहीं है, इसलिए ऐसी स्थिति में किसी प्रकार की अनुमति लेने का प्रश्न ही नहीं उठता.
मुकेश सहनी ने दो टूक में कहा, "हम सरकार रह चुके हैं. नियम हम भी जान रहे हैं. संविधान जान रहे हैं. चूड़ी नहीं पहना है."
वीआईपी के संस्थापक मुकेश सहनी ने उत्तर प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन पर उनके संगठनात्मक कार्यक्रमों में अनावश्यक हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया है.... कह रहे हैं कोर्ट में मिलेंगे... बातचीत सुनिए! pic.twitter.com/CKAvbsNJEB
— Ajeet Kumar (@iajeetkumar) July 10, 2026
'किसी जिले में जाना संवैधानिक अधिकार'
सहनी ने फोन पर कहा कि चार दिन पहले ही हमने आपके पास प्रोटोकॉल भेजा है. सहनी ने स्पष्ट कहा कि भारत के किसी भी राज्य या जिले में जाना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है. उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश सरकार के इशारे पर पुलिस उनके कार्यक्रमों में व्यवधान उत्पन्न करने का प्रयास कर रही है.
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सहनी ने कही कोर्ट तक जाने की बात
फोन पर बातचीत के क्रम में मुकेश सहनी ने संबंधित अधिकारी से कहा कि पुलिस को किसी राजनीतिक दल के एजेंडे पर नहीं, बल्कि संविधान और कानून के अनुरूप कार्य करना चाहिए. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनके शांतिपूर्ण कार्यक्रम में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न की गई तो वे कानूनी कार्रवाई करेंगे. कोर्ट तक जाएंगे.
अंत में उन्होंने कहा कि सत्ता स्थायी नहीं होती, सरकारें बदलती रहती हैं, इसलिए प्रशासनिक अधिकारियों को निष्पक्ष रहते हुए कानून और संविधान की भावना के अनुरूप कार्य करना चाहिए.
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