बक्सर कोर्ट में वकील ने अंगरक्षक को मारा थप्पड़, मचा बवाल, वायरल हुआ वीडियो
Ruckus In Buxar Court: एक बेल के मामले को लेकर वकील और एसडीएम से भिड़ गए. इसका वीडियो बनाना अंगरक्षक के लिए महंगा पड़ गया.

बिहार के बक्सर में गुरुवार को एसडीएम कोर्ट में अचानक उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया, जब कोर्ट में चल रही एक सुनवाई के दौरान वकीलों ने अचानक हमला बोल दिया, जिसमें एक अंगरक्षक चल रही सुनवाई के दौरान सुरक्षा के दृष्टिकोण से वीडियो बनाने लगा, जो वहां मौजूद वकीलों को नागवार गुजरा और उन्होंने अंगरक्षक के ऊपर थप्पड़ जड़ दिया. ये वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
अधिवक्ताओं ने किस बात पर जताई आपत्ति
दरअसल एसडीएम कोर्ट में 107 के एक मामले को लेकर सुनवाई चल रही थी, जिसमें आरोपित को जेल भेजने का आदेश दिया गया था. इसे लेकर अधिवक्ताओं ने आपत्ति जताई, वकीलों का कहना था कि धारा 107 में जेल भेजने का कोई प्रावधान नहीं है. जिसको लेकर वकील और एसडीएम के बीच पूर्व में भी बहस छिड़ी थी जिसमें नोकझोंक भी हुई थी. इसी विवाद को लेकर बुधवार को अधिवक्ताओं ने एसडीएम कोर्ट का बहिष्कार किया था और आज कोर्ट चलने के दौरान फिर इस तरह की घटना न्याय के मंदिर में "दबंगई" देखने को मिली.
इस पूरे मामले को लेकर एसडीएम अविनाश कुमार ने बताया कि "एक बेल के मामले को वकील साहब अपना निजी मामला समझ लिए. उसको लेकर व्यवहार न्यायालय में भी मेरे विरुद्ध आवेदन दिया है. न्यायालय को हम आदर पूर्वक जवाब देते. उसका नोटिस भी मिला है, लेकिन आज हाजिरी पड़ी थी हमारी कोर्ट में, आम जनता भी आई थी. इसको लेकर हम लोग कोर्ट में गए और सुनवाई कर रहे थे, इसी बीच अधिवक्ता लोग आए और गाली देते हुए लोगों को भगा दिया."
एसडीएम ने कहा आगे कहा कि "वकील हमारे कोर्ट में व्यवधान करने लगे, हमारे बॉडीगार्ड ने सुरक्षा दृष्टिकोण से वीडियो बनाया, इस दौरान उसका मोबाइल उन लोगों ने छीन लिया और उसके साथ मारपीट की, अभद्र भाषा का भी प्रयोग भी किया. ऐसा नहीं लग रहा था कि अधिवक्ता इस तरह मानसिकता से आए हैं. काफी हंगामा किया गया. अव्यवस्था फैलाते हुए कुछ रिकॉर्ड को फाड़ दिया गया, जिसको लेकर पुलिस प्रशासन आई तब तक लोग भाग गए."
एसडीएम अविनाश कुमार ने क्या कहा?
अविनाश कुमार ने कहा कि "यह अपराधिक कृत्य हैं, गैर कानूनी है. यह शासन प्रशासन को सरकारी काम करने में बाधा उत्पन्न करने वाली बात है. सख्ती से इस पर कार्रवाई करेंगे. एसडीम अविनाश कुमार ने कहा कि अनुमंडल न्यायालय से किसी को असंतुष्टि है, तो वह रिवीजन में जा सकते हैं. कोर्ट के ऊपर भी कोर्ट है, हमारे जिला अधिकारी हैं उन्हें खबर दे सकते हैं, लेकिन इसको व्यक्तिगत बनाकर खून खराबा जैसी स्थिति उत्पन्न करना, बॉडीगार्ड पर जानलेवा हमला करना, उसका मोबाइल छीन लेना, शासन प्रशासन के कामों में बाधा डालना बिल्कुल आपराधिक कृत्य है.
बहरहाल इस घटना को देखते हुए निश्चित तौर पर यह कहना गलत नहीं होगा कि अब न्याय के मंदिर में भी दबंगई का नजारा देखने को मिलने लगा है. अब देखना यह बड़ा दिलचस्प होगा कि पुलिस प्रशासन से लेकर जिला प्रशासन तक, ऐसी घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कौन सी रणनीति पर कार्य करती है.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL

























