केंद्रीय विद्यालय के लिए भूमि, 19 विशेष कोर्ट, सम्राट कैबिनेट से 17 एजेंडे पास
Samrat Cabinet Decision: सम्राट सरकार ने जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश न्यायालयों में अराजपत्रित कोटि के 171 पदों के सृजन की स्वीकृति प्रदान की है. पढ़िए कैबिनेट की खबर.

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार (05 अगस्त, 2026) को कैबिनेट की बैठक हुई. इस दौरान 17 एजेंडों पर मुहर लगी. न्यायिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है.
पश्चिम चंपारण (बेतिया), मधुबनी, भोजपुर (आरा), सीवान, अररिया, सुपौल, खगड़िया, जहानाबाद, बक्सर, जमुई, कैमूर (भभुआ), कटिहार, सीतामढ़ी, मुंगेर, मधेपुरा, बांका, शेखपुरा, औरंगाबाद एवं लखीसराय में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के अंतर्गत लंबित मामलों के त्वरित निपटारे के लिए 19 अतिरिक्त अनन्य विशेष न्यायालयों की स्थापना को स्वीकृति दी गई है.
इन न्यायालयों के सुचारु संचालन के लिए जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश न्यायालयों में अराजपत्रित कोटि के कुल 171 पदों के सृजन की भी स्वीकृति प्रदान की गई है. यह निर्णय न्याय तक शीघ्र पहुंच, पीड़ितों के अधिकारों की रक्षा तथा संवेदनशील एवं जवाबदेह न्यायिक व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
पूर्वी चंपारण में केंद्रीय विद्यालय के लिए भूमि
दूसरी ओर शिक्षा के क्षेत्र में बिहार सरकार का एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है. पूर्वी चंपारण जिले के पीपराकोठी स्थित सरकारी भूमि पर केंद्रीय विद्यालय के संचालन के लिए भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय को 30 वर्षों के लिए लीज नवीकरण विकल्प के साथ भूमि उपलब्ध कराने की स्वीकृति दी गई है. यह निर्णय क्षेत्र के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा.
यह भी पढ़ें- झारखंड छात्र आंदोलन: JDU का बड़ा बयान, 'पेपर लीक राष्ट्रीय समस्या'
पीपीपी मॉडल के तहत 16 मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल
बिहार में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है. पीपीपी मॉडल के तहत राज्य के 16 चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पतालों (डेंटल कॉलेज एवं अस्पताल सहित) के संचालन के लिए ट्रांजैक्शन एडवाइजर के रूप में पीडब्ल्यूसी को नियुक्त करने की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है. इस पहल से राज्य में आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूती मिलेगी तथा आम नागरिकों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध होंगी.
हर घर तिरंगा अभियान 2026 के सफल आयोजन के लिए बिहार सरकार ने स्वीकृति प्रदान की है. यह अभियान राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता और तिरंगे के प्रति सम्मान की भावना को जन-जन तक पहुंचाने के साथ नागरिकों की व्यापक सहभागिता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है.
राज्य खेल अकादमी, राजगीर परिसर में "स्पोर्ट्स साइंस सेंटर" (उच्च प्रदर्शन खेल प्रशिक्षण एवं इंजरी सेंटर) की स्थापना, संचालन, रखरखाव, मानव संसाधन एवं अत्याधुनिक उपकरणों की व्यवस्था के लिए स्वीकृति दी गई है. ये निर्णय बिहार के खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय खेल संसाधन एवं प्रशिक्षण सुविधाएं प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.
केंद्र प्रायोजित अटल नवीकरण एवं शहरी परिवर्तन मिशन (अमृत 2.0) के अंतर्गत जमालपुर जलापूर्ति परियोजना के लिए ₹102.22 करोड़ तथा मुंगेर जलापूर्ति परियोजना के लिए ₹177.72 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है. इन योजनाओं से दोनों नगरों में स्वच्छ एवं नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित होगी.
यह भी पढ़ें- बांकीपुर: हार के बाद BJP की बड़ी बैठक, CM सम्राट भी रहे, क्या हुआ?























