'उम्र का असर, मानसिक तौर पर बीमार', खरगे पर ललन सिंह का बड़ा हमला
जेडीयू नेता और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने कांग्रेस पर बरसते हुए कहा कि अच्छा हुआ देश की जनता उन्हें मौका नहीं दे रही है. कांग्रेस पार्टी ने सारी सीमाओं का उल्लंघन किया है.

मल्लिकार्जुन खरगे के 'बाप' वाले बयान पर सियासी पारा चढ़ गया है. एनडीए के सारे दल के नेता एकजुट होकर कांग्रेस पर हमलावर हैं. केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन (ललन) सिंह ने पीएम मोदी के खिलाफ मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणी पर बड़ा हमला किया है.
ललन सिंह ने कहा, "खरगे जी कांग्रेस अध्यक्ष हैं और जितनी मर्यादा का उल्लंघन उन्होंने किया है तो कुछ अब बचा नहीं है इसका यही मतलब है कि ये उनकी उम्र का असर है या वह मानसिक तौर पर बीमार हो चुके हैं."
ललन सिंह ने कहा कि कोई पार्टी का अध्यक्ष इस तरह की भाषा देश के पीएम मोदी के बारे में करेगा ये कोई सपने में भी सोच नहीं सकता है. सारी सीमाओं का उल्लंघन कांग्रेस पार्टी ने किया है और इसी तरह वो देश में शासन करना चाहते हैं. अच्छा हुआ देश की जनता उन्हें मौका नहीं दे रही है. अगर देश कहीं गलती से उन्हें मौका दे दिया होता तो जो इंदिरा गांधी के समय इस देश हाल हुआ था उससे और खराब हाल में राहुल गांधी पहुंचा देते.
#WATCH दिल्ली: केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन (ललन) सिंह ने पीएम मोदी के खिलाफ मल्लिकार्जुन खड़गे की टिप्पणी पर कहा, "खरगे जी कांग्रेस अध्यक्ष हैं और जितनी मर्यादा का उल्लंघन उन्होंने किया है तो कुछ अब बचा नहीं है इसका यही मतलब है कि ये उनकी उम्र का असर है या वह मानसिक तौर पर बीमार हो चुके हैं। कोई पार्टी का अध्यक्ष इस तरह की भाषा देश के पीएम मोदी के बारे में करेगा ये कोई सपने में भी सोच नहीं सकता है....सारी सीमाओं का उल्लंघन कांग्रेस पार्टी ने किया है और इसी तरह वो देश में शासन करना चाहते हैं अच्छा हुआ देश की जनता उन्हें मौका नहीं दे रही है अगर देश कही गलती से उन्हें मौका दे दिया होता तो जो इंदिरा गांधी के समय इस देश हाल हुआ था उससे और खराब हाल में राहुल गांधी पहुंचा देते। "
— ANI_HindiNews (@AHindinews) October 26, 2026
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मनोज तिवारी बोले- 'यह अस्वीकार्य है'
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणी पर बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने पटना में मीडिया से बातचीत में कहा, "...बिहार के लोगों कहते हैं कि हम बिहारी है और संस्कारी है इसी का वो ध्यान कर लेते. फिर भी, इसी बिहार में आकर वे देश के प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता का अपमान करने का काम करते हैं. यह अस्वीकार्य है."
'विरोध का अधिकार सभी को, लेकिन...'
बिहार सरकार के मंत्री नीतीश मुश्रा ने इस पूरे मामले पर कहा कि राजनीति में वैचारिक मतभेद होना स्वाभाविक है किंतु सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा और गरिमा बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है. लोकतंत्र में विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन विरोध की अभिव्यक्ति शालीनता और तर्कों के माध्यम से होनी चाहिए न कि अमर्यादित टिप्पणियों के जरिए.
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