आरसीपी सिंह के लिए JDU का दरवाजा खुला है या बंद? नीतीश कुमार के मंत्री ने कर दिया साफ
Bihar Politics: बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि टीवी पर चलने से कोई किसी पार्टी में नहीं जाता है. सवाल उठाया कि संन्यासी पार्टी के लोगों को आज नीतीश कुमार की क्या जरूरत पड़ गई?

सीएम नीतीश कुमार के करीबी रहे आरसीपी सिंह को लेकर लगातार खबरें आ रही हैं कि वे जेडीयू में शामिल हो सकते हैं. कुछ दिनों पहले ही आरसीपी सिंह ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया भी दी थी. इस बीच बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने बड़ा बयान दिया है. बुधवार (21 जनवरी, 2026) को पत्रकारों से श्रवण कुमार ने आरसीपी सिंह को लेकर कहा कि हमको मालूम नहीं है कि आ रहे हैं, लेकिन टीवी पर देखते रहते हैं, तो टीवी पर चलने से कोई किसी पार्टी में नहीं जाता है.
श्रवण कुमार ने कहा, "नीतीश कुमार को वो कल तक बता रहे थे कि बीमार हैं, तबीयत खराब है, किसी काम के लायक नहीं हैं, कुछ करते नहीं हैं. जिस पार्टी में वो चले गए हैं उस पार्टी के नेता (प्रशांत किशोर) कह रहे थे कि जेडीयू को 25 सीट भी आ गई तो हम समझेंगे बहुत बड़ी बात हो गई और मैं राजनीति से संन्यास ले लूंगा… तो ये संन्यासी पार्टी के लोगों को क्या जरूरत पड़ गई है नीतीश कुमार की?"
'ऐसे लोगों की जरूरत क्या है…'
उन्होंने आगे कहा, "कल तक संन्यास ले रहे थे और नीतीश कुमार को फिनिश कर रहे थे… और आज क्या आवश्यकता पड़ गई कि नीतीश कुमार के साथ आना चाहते हैं." इस पर पत्रकारों ने सवाल किया कि आरसीपी सिंह के लिए पार्टी का दरवाजा खुला है या बंद है? इस पर जवाब में श्रवण कुमार ने कहा कि दरवाजा खुला है कि बंद है ये तो बड़े नेता तय करेंगे, लेकिन ऐसे लोगों की जरूरत क्या है?
पत्रकारों की ओर से श्रवण कुमार से कहा गया कि आरसीपी सिंह कह रहे हैं कि हम अलग ही कब हुए थे. इस पर मंत्री ने जवाब दिया, "बीजेपी में वो कब गए थे? बीजेपी के बाद उन्होंने अपनी पार्टी बनाई… इसके बाद जब उनकी दुकान चलने लायक नहीं थी तो जन सुराज पार्टी में चले गए. आज जब नीतीश कुमार की पार्टी 85 सीट ले आई, एनडीए 202 सीट ले आया, उनकी पार्टी (जन सुराज) की बोहनी नहीं हुई तो अब तरह-तरह की बात बोल रहे हैं. जिस नेता को फिनिश करने में लगे थे वो किस विचारधारा को चलाने के लिए नीतीश कुमार से जुड़ना चाह रहे हैं?"
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