भ्रष्टाचार के मुद्दे पर तेजस्वी पर JDU का निशाना, कहा- पिता सजायाफ्ता और खुद प्रवचन दे रहे
जेडीयू के सीनियर नेता और पूर्व मंत्री नीरज सिंह ने कहा कि तेजस्वी यादव के पिता सजायाफ्ता हैं और वे प्रवचन दे रहे हैं. वहीं संजय सिंह ने कहा कि लालू परिवार भ्रष्टाचार की गंगोत्री में डूबा है.

पटना: बिहार में जेडीयू ने तेजस्वी यादव पर हल्ला बोल दिया है. शनिवार को जेडीयू दफ्तर में छह बड़े नेताओं ने एक साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस किया. जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह, कार्यकारी अध्यक्ष अशोक चौधरी, मुख्य प्रवक्ता संजय सिंह, पूर्व मंत्री नीरज सिंह और डॉ अजय आलोक ने तेजस्वी को घेरा.
नीरज सिंह ने कहा, “चरवाहा विद्यालय के राजनीतिक विद्यार्थी को राजनीति का अहसास करा रहे हैं और उम्मीद है कि सदन में शपथ लेने के समय वो इस बात की शपथ लें कि मैं तेजस्वी यादव धारा 420, आर्म्स एक्ट का आरोपी, 302 का आरोपी, SC/ST के आरोपी का बेटा लालू यादव कैदी नम्बर 3351 का बेटा शपथ लेता हूं कि संवैधानिक मूल्यों की धज्जियां उड़ाते रहूंगा और इसके बावजूद भी पद पर कायम रहूंगा. ये निर्लज्जता की पराकाष्ठा है खुद बेल पर है, पिता सजायाफ्ता है, और प्रवचन दे रहे हैं.” पूर्व मंत्री ने कहा, “अगर तेजस्वी यादव में कुर्बानी देने का राजनीतिक संस्कार है तो संपत्ति तो किसी पिछड़े को दे नहीं सकते कम से कम पद तो उन्हें समर्पित करें.”
वहीं अजय आलोक ने कहा कि चुनाव आयोग से उनका डेलीगेशन मिला था. हमारी स्पष्ट मांग है कि जिसने भी अपने चुनावी हलफनामे में गलत जानकारी दी है, उसकी उम्मीदवारी रद्द होने का प्रावधान है. यहां इंक्वायरी भी शुरू नहीं है. इसलिए चुनाव आयोग से अनुरोध है कि जो चुन कर आये हैं और ये गलत पाये जाते हैं तो इनकी उम्मीदवारी रद्द किया जाए.
जेडीयू नेता ने कहा कि हमने सबूत भी दिए हैं. सुप्रीम कोर्ट में हमने कहा है कि वहां एमपी और एमएलए के लिए अलग व्यवस्था है ताकि जो भी चार्जशीटेड है उनपर निर्णय तुरंत हो सके. उन्होंने कहा, “मेरा सुप्रीम कोर्ट से कहना है कि इसका स्पीडी ट्रायल के रूप में तय सीमा के अंदर निर्णय कराया जाए ताकि जो भी चार्जशीटेड हैं उनपर निर्णय तुरंत आ सके. अगर जो दोषी है उन्हें सदन में बैठने का कोई अधिकार नहीं है अगर ऐसा होता है तो लोकतंत्र की भावना प्रबल होगी.”
मुख्य प्रवक्ता संजय सिंह ने कहा कि तेजस्वी यादव ने हमारे मंत्री मेवालाल पर सवाल उठाया था वो तो ठीक है. उनपर चार्जेज थे लेकिन वो चार्जशीटेड नहीं थे फिर भी उन्होंने इस्तीफा दिया. जो व्यक्ति नैतिकता की बात करता हो तो वो खुद भी चार्जशीटेड हैं. बेल पर हैं तो उन्हें भी नेता प्रतिपक्ष का पद नहीं लेना चाहिए.
संजय सिंह ने कहा, “खुद लालू परिवार भ्रष्टाचार के गंगोत्री में डूबा हुआ है और वो भ्रष्टाचार पर आरोप लगता हो तो ये हास्यास्पद है. अगर तेजस्वी पद नहीं लें तो ये राजनीतिक सुचिता का परिचय होगा. अगर लेते हैं तो आप उस लालू परिवार से जुड़े हैं, जिसे देश और दुनिया जानता है.”
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